August 25, 2026

Onion Price: पंचकूला-चंडीगढ़ में प्याज ने फिर निकाले आंसू, 70-80 रुपये किलो तक पहुंचा भाव; सप्लाई हरियाणा में भी

0
Onion Price: पंचकूला-चंडीगढ़ में प्याज ने फिर निकाले आंसू, 70-80 रुपये किलो तक पहुंचा भाव; सप्लाई हरियाणा में भी

Onion Price Hike: मांग ज्यादा और सप्लाई कम, पंचकूला-चंडीगढ़ में महंगा हुआ प्याज

पंचकूला और चंडीगढ़ समेत पूरी ट्राईसिटी में प्याज की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। चीनी और तेल समेत अन्य खाद्य वस्तुओं के महंगा होने के बीच अब प्याज के भाव में तेजी से गृहणियों और दुकानदारों का मासिक बजट प्रभावित हो रहा है। चंडीगढ़ की सेक्टर-26 स्थित बड़ी सब्जी एवं फल मंडी में पहुंच रहे व्यापारियों और खरीदारों का कहना है कि मांग के मुकाबले सप्लाई कम होने तथा बारिश से फसल प्रभावित होने का सीधा असर कीमतों पर दिख रहा है।

चंडीगढ़ मंडी से प्याज की सप्लाई हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश तक होती है। ऐसे में यहां थोक भाव में होने वाली तेजी का असर पंचकूला, मोहाली और आसपास के शहरों के खुदरा बाजारों पर भी पड़ सकता है।

प्याज के दाम क्यों बढ़ रहे हैं? राजस्थान की फसल पर बारिश का असर

चंडीगढ़ सेक्टर-26 सब्जी मंडी के आढ़ती राहुल खन्ना ने बताया कि मौजूदा समय में मंडी में महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश से प्याज पहुंच रहा है। आगामी दिनों में राजस्थान से भी प्याज आने की उम्मीद है, लेकिन अधिक बारिश के कारण वहां प्याज की फसल खराब होने की बात सामने आई है।

राहुल खन्ना के अनुसार, बारिश से फसल खराब होने के कारण प्याज की कीमतों में तेजी बनी रहने की संभावना है। उन्होंने सरकारी गोदामों में प्याज की देखभाल को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि सही रखरखाव नहीं होने से प्याज खराब हो रहा है, जिससे उपलब्ध स्टॉक प्रभावित हो सकता है।

उनके मुताबिक, फसल को नुकसान और भंडारण से जुड़ी समस्याओं का असर लंबे समय तक कीमतों पर रह सकता है। हालांकि प्याज के वास्तविक भाव आने वाले दिनों में नई आवक और बाजार में उपलब्धता के आधार पर बदलेंगे।

मांग ज्यादा, सप्लाई कम; थोक में 4,500 रुपये प्रति क्विंटल प्याज

आढ़ती राहुल खन्ना ने बताया कि देशभर में प्याज की मांग अधिक है, लेकिन उस अनुपात में सप्लाई नहीं हो रही। मांग और आपूर्ति के इस अंतर का सीधा असर मंडियों में कीमतों पर पड़ रहा है।

उन्होंने बताया कि आढ़तियों को मौजूदा समय में प्याज करीब 4,500 रुपये प्रति क्विंटल पड़ रहा है। सोमवार को मंडी बंद रहने के कारण मंगलवार को यही कीमत 4,500 से 4,800 रुपये प्रति क्विंटल तक जाने का अनुमान जताया गया।

राहुल खन्ना के अनुसार, महाराष्ट्र और दूसरे राज्यों की मंडियों में खुलने वाले भाव के आधार पर कीमतों का अनुमान लगाया जाता है। रोजाना आने वाले माल की मात्रा और प्याज की क्वालिटी के आधार पर कीमत में एक-दो रुपये का अंतर भी आ सकता है।

हरियाणा, पंजाब और हिमाचल तक होती है चंडीगढ़ मंडी से सप्लाई

चंडीगढ़ सेक्टर-26 की सब्जी मंडी ट्राईसिटी के साथ आसपास के राज्यों के लिए भी सप्लाई का बड़ा केंद्र है। यहां से प्याज हरियाणा के कई बाजारों के अलावा पंजाब और हिमाचल प्रदेश तक भेजा जाता है।

राहुल खन्ना ने बताया कि दिसंबर में गुजरात का प्याज भी चंडीगढ़ मंडी में पहुंचता है। हालांकि उन्होंने दिसंबर तक प्याज के भाव में बहुत अधिक गिरावट की संभावना नहीं जताई और इसके पीछे अधिक मांग तथा सीमित सप्लाई को प्रमुख कारण बताया।

इसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ता है, क्योंकि थोक मंडी में बढ़ने वाली कीमत कुछ ही समय बाद खुदरा दुकानों तक पहुंच जाती है। होटल, ढाबे और छोटे खाने-पीने के कारोबारियों की लागत भी ऐसे समय में बढ़ सकती है।

जीरकपुर में 70-80 रुपये किलो प्याज, खरीदारी के लिए चंडीगढ़ पहुंच रहे लोग

जीरकपुर से चंडीगढ़ सेक्टर-26 सब्जी मंडी में प्याज खरीदने पहुंचे अमनदीप सिंह ने बताया कि स्थानीय बाजार में प्याज 70 से 80 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। उनके अनुसार, इस कीमत पर अच्छी क्वालिटी का प्याज भी आसानी से नहीं मिल रहा।

अमनदीप सिंह ने सरकार से प्याज की जमाखोरी पर भी ध्यान देने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्याज के बढ़े भाव के कारण उन्हें खरीदारी के लिए जीरकपुर से चंडीगढ़ की सब्जी मंडी तक आना पड़ रहा है।

स्थानीय निवासी अमन कालिया ने कहा कि प्याज और चीनी दोनों के भाव लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि सोमवार को उन्हें एक क्विंटल प्याज 60 रुपये प्रति किलो के हिसाब से मिला, जबकि कुछ समय पहले इसका भाव 30 से 40 रुपये प्रति किलो के आसपास था

महंगा तेल भी बढ़ा सकता है ट्रांसपोर्ट खर्च

चंडीगढ़ के सेक्टर-26 सब्जी मंडी में खरीदारी करने पहुंचे मनीमाजरा निवासी बलबीर सिंह रावत ने कहा कि बारिश के दिनों में हर साल प्याज और अन्य सब्जियों के दाम बढ़ते हैं। उनके अनुसार, इस बार तेल की बढ़ी कीमतों से ट्रांसपोर्ट लागत पर भी असर पड़ सकता है।

उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ में प्याज बाहरी राज्यों से पहुंचता है। ऐसे में परिवहन पर आने वाला अधिक खर्च भी सब्जियों और खाद्य वस्तुओं की अंतिम कीमत को प्रभावित कर सकता है।

प्याज, चीनी और तेल महंगे होने से बिगड़ा मासिक बजट

स्थानीय लोगों का कहना है कि प्याज, चीनी, तेल और अन्य खाद्य वस्तुओं की कीमतें पहले के मुकाबले बढ़ने से घर का मासिक बजट संतुलित करना मुश्किल हो रहा है। रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं में लगातार बदलाव होने से परिवारों को खर्च की योजना बदलनी पड़ रही है।

लोगों की सबसे बड़ी चिंता प्याज की कीमत को लेकर है, क्योंकि यह लगभग हर घर की रोजाना की जरूरत है। लोगों ने बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण और जमाखोरी की आशंका की प्रभावी जांच की मांग की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed