Pathankot Tower Protest : पठानकोट में 200 फीट ऊंचे टावर पर चढ़े बुजुर्गों की हालत बिगड़ी

पठानकोट में 200 फीट ऊंचे टावर पर चढ़े बुजुर्गों की हालत बिगड़ी
Pathankot Tower Protest : पंजाब के पठानकोट जिले के शाहपुरकंडी से एक बेहद हैरान और विचलित करने वाली तस्वीर सामने आ रही है। शाहपुरकंडी डैम प्रोजेक्ट के विस्थापितों की मांगों को लेकर 200 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़े दो बुजुर्गों का प्रदर्शन गुरुवार को 10वें दिन में प्रवेश कर गया।
85 वर्षीय शरम सिंह और 81 वर्षीय कुलविंदर सिंह बीते 25 अगस्त की सुबह 10 बजे से इस ऊंचाई पर बने महज 2×2 फीट के लोहे के प्लेटफार्म पर खुले आसमान के नीचे दिन-रात गुजार रहे हैं। बीते दो दिनों से जिले भर में हो रही मूसलाधार बारिश और रात के वक्त चलने वाली तेज बर्फीली हवाओं के बावजूद दोनों बुजुर्ग अपनी जिद पर अड़े हुए हैं।
200 फीट की ऊंचाई पर स्थित संकरे प्लेटफार्म पर प्राकृतिक आपदा से बचाव का कोई साधन नहीं है। इसके बावजूद बारिश में भीगते हुए दोनों बुजुर्ग अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद कर रहे हैं। हालांकि, लगातार बारिश और ठंड के कारण दोनों की शारीरिक स्थिति तेजी से बिगड़ रही है।
सांस लेने में तकलीफ, नीचे उतरने की अपीलें बेअसर
बैराज औस्ती (विस्थापित) संघर्ष कमेटी के प्रधान दयाल सिंह ने बताया कि 81 वर्षीय कुलविंदर सिंह की तबीयत पिछले दो दिनों से काफी खराब है और उन्हें सांस लेने में गंभीर समस्या आ रही है।
कमेटी के सदस्य रस्सी और बाल्टी के सहारे दिन में दो बार ऊपर भोजन और पीने का पानी पहुंचा रहे हैं, लेकिन लगातार खुले आसमान के नीचे रहने के कारण 85 वर्षीय शरम सिंह का शरीर भी अब जवाब देने लगा है। संघर्ष कमेटी और स्थानीय लोग बार-बार दोनों बुजुर्गों से नीचे आने की मिन्नतें कर रहे हैं, लेकिन उनका स्पष्ट कहना है कि केवल मौखिक आश्वासनों या बैठकों के छलावे पर वे नीचे नहीं उतरेंगे।
बुजुर्गों की मांग है कि डैम निर्माण के दौरान विस्थापित हुए परिवारों के पात्र सदस्यों को तुरंत सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र दिया जाए। इसके साथ ही, असंवैधानिक और गैर-कानूनी तरीके से नौकरी हासिल करने वाले 32 लोगों को तुरंत पद से हटाकर उनके टर्मिनेशन लेटर सार्वजनिक किए जाएं।
प्रशासन की ढिलाई पर भड़के लोग, शिअद नेता ने जाना हाल
बुजुर्गों की गिरती सेहत को देखते हुए स्थानीय राजनीति भी गर्माने लगी है। शिरोमणि अकाली दल (बादल) के सुजानपुर हलका इंचार्ज संजीव शर्मा अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे और फोन के जरिए टावर पर मौजूद दोनों बुजुर्गों से बात कर उनका हाल जाना।
दूसरी ओर, शाहपुरकंडी बांध प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने पूरे घटनाक्रम और स्थिति की विस्तृत रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी है, लेकिन संघर्ष कमेटी सीधे संवाद के लिए तैयार नहीं हो रही है।
संघर्ष कमेटी के प्रधान दयाल सिंह ने प्रशासन की इस अनदेखी पर कड़ा ऐतराज जताते हुए चेतावनी दी है कि 10 दिन से 200 फीट ऊपर बारिश और तूफान झेल रहे इन बुजुर्गों को यदि कुछ भी अनहोनी होती है, तो इसकी सीधी जिम्मेदारी पंजाब सरकार और प्रशासन की होगी।
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