Patiala PSPCL JE Suspend : CM Bhagwant Mann की पोस्ट पर कमेंट करने वाला जेई सस्पेंड, कर्मचारियों ने सरकार को दिया 7 दिन का अल्टीमेटम

CM Bhagwant Mann की पोस्ट पर कमेंट करने वाला जेई सस्पेंड, कर्मचारियों ने सरकार को दिया 7 दिन का अल्टीमेटम
Patiala PSPCL JE Suspend | CM Bhagwant Mann : पंजाब के बिजली विभाग में सोशल मीडिया पर की गई एक टिप्पणी को लेकर बवंडर खड़ा हो गया है। पटियाला में तैनात पावरकॉम के एक जूनियर इंजीनियर (JE) दविंदर मेहरा को मुख्यमंत्री की फोटो वाली पोस्ट पर कथित तौर पर अहंकारी कमेंट करने के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया है।
इस कार्रवाई के विरोध में कर्मचारियों का जॉइंट फोरम खुलकर मैदान में आ गया है। यूनियनों ने दावा किया है कि यह कमेंट जेई ने नहीं किया, बल्कि किसी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल कर उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए साजिश रची है। बिजली कर्मचारियों ने प्रबंधन को सात दिन का अल्टीमेटम देते हुए राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है।
बिना पक्ष सुने की गई एकतरफा कार्रवाई
मामले की शुरुआत 11 सितंबर को हुई, जब तोहड़ा सब-डिवीजन (पटियाला) में तैनात जेई दविंदर मेहरा को शाम के वक्त अचानक दफ्तर तलब किया गया। आरोप है कि बिना किसी औपचारिक नोटिस या निष्पक्ष जांच के उन्हें तुरंत सस्पेंड कर दिया गया और उनका तबादला बठिंडा कर दिया गया।
पीड़ित जेई का कहना है कि वे सोशल मीडिया का ज्यादा इस्तेमाल भी नहीं करते हैं, लेकिन उन पर मुख्यमंत्री भगवंत मान की फोटो वाली एक पोस्ट पर विवादित कमेंट करने का झूठा मढ़ दिया गया। उनका साफ कहना है कि यह कमेंट उन्होंने नहीं लिखा, बल्कि एआई तकनीक के जरिए किसी शरारती तत्व ने फर्जीवाड़ा किया है।
कर्मचारियों का दावा—गलत काम से इनकार करने पर रची साजिश
बिजली एकता मंच और जॉइंट फोरम के नेताओं ने इस पूरी कार्रवाई को दमनकारी और तानाशाही करार दिया है। नेताओं का तर्क है कि जेई दविंदर सिंह एक ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ कर्मचारी हैं, जिन्होंने कुछ समय पहले स्थानीय स्तर पर दबाव बनाकर करवाए जा रहे गैर-कानूनी कामों को करने से साफ इनकार कर दिया था।
इसी व्यक्तिगत रंजिश के चलते कुछ तत्वों ने उन्हें फंसाने के लिए यह साजिश रची है। यूनियनों ने दोटूक कहा है कि पावरकॉम प्रबंधन ने बिना सोचे-समझे एकतरफा फैसला लिया है, जिसे किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा।
चीफ इंजीनियर को सौंपा ज्ञापन, दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
इस मामले को लेकर लुधियाना में जॉइंट फोरम और बिजली एकता मंच के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने चीफ इंजीनियर जगदेव सिंह हांस से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में आईटीआई एम्प्लॉइज एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष दविंदर सिंह पिशौर, रछपाल सिंह पाली, टीएसयू के उपाध्यक्ष रघुवीर सिंह, गुरप्रीत सिंह महदूदां और गुरजंट सिंह राजगढ़ समेत कई प्रमुख नेता शामिल रहे। नेताओं ने चीफ इंजीनियर को मांग पत्र सौंपते हुए सात दिनों के भीतर निलंबन रद्द कर जेई को वापस तोहड़ा सब-डिवीजन में बहाल करने की मांग की।
यूनियनों ने चेतावनी दी है कि यदि एक हफ्ते के भीतर आदेश वापस नहीं लिए गए, तो पंजाब भर के बिजली कर्मचारी सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन करेंगे। साथ ही, आगामी रणनीति के तहत कर्मचारी 16 सितंबर को पटियाला स्थित पावरकॉम मुख्यालय के मुख्य द्वारों का घेराव करेंगे और सोशल मीडिया पर विरोध दर्ज कराते हुए मुख्यमंत्री के आधिकारिक अकाउंट्स पर संगठित रूप से अपनी बात रखेंगे।
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