September 5, 2026

Kurukshetra News: कुरुक्षेत्र में 31वें दिन भड़का दमकल व सफाईकर्मियों का गुस्सा, सीएम आवास पर फूंके सस्पेंशन लेटर

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Kurukshetra News: कुरुक्षेत्र में 31वें दिन भड़का दमकल व सफाईकर्मियों का गुस्सा, सीएम आवास पर फूंके सस्पेंशन लेटर

कुरुक्षेत्र में 31वें दिन भड़का दमकल व सफाईकर्मियों का गुस्सा

Kurukshetra News: हरियाणा के कुरुक्षेत्र में अपनी मांगों को लेकर पिछले एक महीने से सड़कों पर डटे नगर पालिका सफाई कर्मचारियों और अग्निशमन (फायर ब्रिगेड) विभाग के कर्मचारियों का गुस्सा शनिवार को चरम पर पहुंच गया। हड़ताल को कुचलने के लिए प्रशासन द्वारा अपनाए गए सख्त रुख—विशेषकर कर्मचारियों की बर्खास्तगी, निलंबन और चेतावनी नोटिस जारी करने—के विरोध में सैकड़ों कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया। उग्र हुए प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और विभागीय सस्पेंशन व टर्मिनेशन आदेशों की प्रतियां सरेआम फूंक डालीं।

गौरतलब है कि प्रशासन ने दमकल विभाग के 10 कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त (टर्मिनेट) और 14 कर्मचारियों को निलंबित कर दिया था, जबकि सफाई कर्मचारियों को 5 सितंबर तक काम पर लौटने का अंतिम अल्टीमेटम थमाया गया था।

13 मई के समझौते के लिखित आदेश पर अड़े कर्मचारी, फरीदाबाद हादसे का भी उठा मुद्दा

प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे अग्निशमन यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने सरकार की दमनकारी नीति पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा, “13 मई को सरकार और कर्मचारी प्रतिनिधियों के बीच हुई उच्च स्तरीय वार्ता में कई मुख्य मांगों पर सहमति बन चुकी थी। लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी सरकार ने उनके आधिकारिक लिखित आदेश जारी नहीं किए। बातचीत में हां भरकर मुकर जाना सरकार की नीयत पर सवाल खड़े करता है।”

यूनियन अध्यक्ष ने फरीदाबाद में आग बुझाते वक्त जान गंवाने वाले दो दमकलकर्मियों का दर्द साझा करते हुए कहा कि बड़ी-बड़ी घोषणाओं के बावजूद पीड़ित परिवारों को आज तक कोई ठोस सरकारी सहायता नहीं मिली है। जोखिम में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा और भविष्य को लेकर शासन-प्रशासन पूरी तरह बेपरवाह बना हुआ है।

मंत्री के बयान पर भड़का गुस्सा, बहालियों तक अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी

अग्निशमन यूनियन ने सूबे के मंत्री कृष्ण बेदी द्वारा सफाई कर्मचारियों को लेकर दी गई हालिया टिप्पणी पर भी गहरा ऐतराज जताया। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि ऊंचे पदों पर बैठे जनप्रतिनिधियों को संवेदनहीन बयानबाजी करने के बजाय धरातल पर आकर कर्मचारियों का दर्द समझना चाहिए।

लगातार 31 दिनों से जारी इस हड़ताल के कारण कुरुक्षेत्र समेत प्रदेश के कई हिस्सों में सफाई व्यवस्था चरमरा गई है और आपातकालीन अग्निशमन सेवाओं पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। बावजूद इसके, आंदोलनकारी कर्मचारियों ने दोटूक शब्दों में चेतावनी दी है कि जब तक 13 मई का समझौता लागू नहीं होता और सस्पेंड या टर्मिनेट किए गए सभी साथियों को ससम्मान बहाल नहीं किया जाता, तब तक यह लड़ाई थमने वाली नहीं है।

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