चंडीगढ़: पंजाब के मोगा जिले में प्रवासी मजदूरों पर हुई गोलीबारी की घटना ने राज्य की राजनीति को गरमा दिया है। विपक्षी दलों ने आम आदमी पार्टी (आप) की भगवंत मान सरकार पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए कड़ी आलोचना की है। उन्होंने सरकार से ‘नींद से जागने’ और समाज में विभाजन फैलाने वाली ताकतों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।



कैसे हुई घटना

मंगलवार को जीरा रोड पर मोटरसाइकिल सवार तीन अज्ञात हमलावरों ने एक कारखाने से काम खत्म कर भोजन के लिए जा रहे प्रवासी मजदूरों के समूह पर कथित तौर पर गोलीबारी कर दी। इस हमले में दो मजदूर घायल हो गए। घटना के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक अपुष्ट पोस्ट सामने आई, जिसमें निर्वैर सिंह नामक यूजर ने हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया। पोस्ट में कथित घटना का वीडियो भी साझा किया गया। पुलिस ने कहा है कि हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं तथा मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।



भाजपा का हमला

भाजपा की पंजाब इकाई के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि प्रवासी मजदूरों को सुनियोजित साजिश के तहत निशाना बनाया गया है। उन्होंने कहा कि पहले राज्य में व्यापारियों को निशाना बनाया गया, जिससे उद्योग प्रभावित हुआ, और अब प्रवासी श्रमिकों पर हमला पंजाब की छवि को नुकसान पहुंचा रहा है। जाखड़ ने कहा कि ये मजदूर पंजाब की कृषि और उद्योग व्यवस्था का अहम हिस्सा हैं। उन्होंने राज्य सरकार से ऐसी ताकतों के खिलाफ सख्ती दिखाने की मांग की जो समाज में फूट डालने की कोशिश कर रही हैं।



सोशल मीडिया पोस्ट से बढ़ी चिंता

घटना के बाद सामने आए अपुष्ट पोस्ट में दावा किया गया कि उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों पर हमला ‘विरोध’ के रूप में किया गया। पोस्ट में यह भी चेतावनी दी गई कि यदि प्रवासी श्रमिकों को गांवों और कस्बों से नहीं निकाला गया तो और हिंसा हो सकती है। इसमें प्रवासी मजदूरों से जुड़े कथित अपराधों का हवाला देकर हमले को सही ठहराने की कोशिश की गई और स्थानीय प्रतिनिधियों को भी चेतावनी दी गई। इस तरह की भाषा ने सामाजिक सौहार्द को लेकर चिंता और बढ़ा दी है।



कांग्रेस और अकाली दल की प्रतिक्रिया

कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने इस घटना को ‘चिंताजनक और परेशान करने वाला’ बताया। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग की। वडिंग ने कहा कि इस तरह की घटनाओं से निपटने के लिए सभी दलों को राजनीति से ऊपर उठकर एकजुट होना होगा। शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में ‘अराजकता और गैंगस्टर राज’ के बाद अब पंजाब को अस्थिर करने की नई साजिश रची जा रही है। उन्होंने मोगा की घटना को गंभीर चेतावनी बताया।



जांच जारी, सुरक्षा पर सवाल

पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। हालांकि, इस घटना ने राज्य की कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्ष का कहना है कि सरकार को तुरंत प्रभावी कदम उठाकर लोगों में सुरक्षा का भरोसा बहाल करना चाहिए। वडिंग ने आगे कहा, ‘‘हमें अपने पंजाब के लिए इस गंभीर खतरे से निपटने के वास्ते दलगत राजनीति से ऊपर उठना होगा।’’ शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि पूर्ण ‘अराजकता और गैंगस्टर राज’ के बाद पंजाब को अस्थिर करने के लिए एक नई साजिश रची जा रही है। बादल ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि मोगा में प्रवासी मजदूरों पर हुई यह गोलीबारी इस भयावह साजिश को समझने के लिए काफी है।

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