Jind News: जींद में डॉक्टर से 1 करोड़ की रंगदारी मांगने वाले 2 आरोपी गिरफ्तार, इंस्टाग्राम पर बनी थी जोड़ी, कभी मिले तक नहीं

जींद में डॉक्टर से 1 करोड़ की रंगदारी मांगने वाले 2 आरोपी गिरफ्तार
Jind News: हरियाणा के जींद शहर के एक नामचीन निजी अस्पताल के संचालक डॉक्टर से व्हाट्सएप के जरिए 1 करोड़ रुपये की भारी-भरकम रंगदारी मांगने के हाई-प्रोफाइल मामले का जींद पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस अधीक्षक (SP) कुलदीप सिंह के मार्गदर्शन में सीआईए-1 जींद और पीएसआई अनमोल की तकनीकी टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए 18 वर्षीय दो आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।
चौंकाने वाली बात यह है कि दोनों आरोपियों की महज एक सप्ताह पहले इंस्टाग्राम पर दोस्ती हुई थी। सोशल मीडिया पर जान-पहचान होते ही दोनों ने रातों-रात अमीर बनने का सपना देखा और इस सनसनीखेज साजिश को अंजाम दे डाला।
इंस्टाग्राम पर हुई दोस्ती, कभी नहीं मिले आमने-सामने
पुलिस जांच में जो खुलासा हुआ है, वह हैरान करने वाला है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर (बांसी पिपरिया) निवासी 18 वर्षीय सचिन और हरियाणा के हांसी (गांव धरमखेड़ी) निवासी 18 वर्षीय सौरभ के रूप में हुई है।
डीएसपी जींद ऋषभ सौढी ने बताया कि दोनों आरोपी कभी भी एक-दूसरे से आमने-सामने नहीं मिले थे। उनकी पूरी बातचीत, जान-पहचान और 1 करोड़ की फिरौती मांगने की पूरी योजना केवल इंस्टाग्राम चैट के जरिए ही तैयार की गई थी। आरोपियों ने अस्पताल संचालक डॉक्टर के असिस्टेंट के व्हाट्सएप नंबर पर मैसेज भेजकर 8 दिन के भीतर 1 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी और रकम न देने पर गोलियों से भूनने की धमकी दी थी।
एक पर पहले से आर्म्स एक्ट, दूसरा कर रहा था नर्सिंग की तैयारी
पुलिस के मुताबिक, यूपी से दबोचे गए आरोपी सचिन पर पहले से ही उत्तर प्रदेश में आर्म्स एक्ट का मुकदमा दर्ज है। वहीं दूसरे आरोपी सौरभ ने हाल ही में 10वीं कक्षा उत्तीर्ण की थी और फिलहाल B.Sc. नर्सिंग प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहा था। सौरभ को पुलिस ने परिजनों के सहयोग से पेश करवाकर गिरफ्तार किया।
22 अगस्त को दर्ज हुआ था मुकदमा, सीआईए ने दबोचा
गौरतलब है कि डॉ. आशीष जैन बाल धर्मार्थ जींद के सहायक स्टाफ सचिन निवासी बनियाखेड़ा ने रोहतक रोड पुलिस चौकी में शिकायत दर्ज कराई थी। उनके मोबाइल पर अज्ञात नंबर से आए फिरौती के मैसेज के आधार पर 22 अगस्त को थाना शहर जींद में बीएनएस (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच सीआईए-1 को सौंपी गई थी।
पुलिस की तकनीकी टीम ने साइबर सर्विलांस की मदद से दोनों आरोपियों की लोकेशन ट्रैक की और उन्हें धर दबोचा। पुलिस अब दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लेगी ताकि मामले में इस्तेमाल किए गए मोबाइल और अन्य संभावित कड़ियों का पता लगाया जा सके।
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