Punjab Weather Update 10 September : पंजाब में मानसून सुस्त, उमस भरी गर्मी ने बढ़ाई लोगों की परेशानी

पंजाब में मानसून सुस्त, उमस भरी गर्मी ने बढ़ाई लोगों की परेशानी
Punjab Weather Update 10 September : पंजाब और चंडीगढ़ के मौसम में इन दिनों एक अजीब सा ठहराव देखने को मिल रहा है। मानसून की गतिविधियां सुस्त पड़ने के कारण उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि पठानकोट, होशियारपुर और रोपड़ जैसे कुछ चुनिंदा इलाकों में आज आसमान में बादल बरस सकते हैं, जबकि बाकी पूरे राज्य में मौसम फिलहाल शुष्क ही रहने वाला है। राजधानी चंडीगढ़ में भी धूप खिली रहने और मौसम साफ रहने के पूरे आसार हैं। तापमान की बात करें तो इसमें मामूली बढ़त दर्ज की गई है, जिससे गर्मी का असर और ज्यादा महसूस हो रहा है।
पिछले चौबीस घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो मानसून का असर काफी कमजोर नजर आया है। मौसम विभाग ने कल जिन तीन जिलों में बारिश की उम्मीद जताई थी, उनमें से केवल पठानकोट में ही पानी बरसा और वहां 12.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। बाकी हिस्सों में बादल तो आए लेकिन बिना बरसे ही निकल गए, जिससे नमी बढ़ गई और तीखी धूप के साथ उमस ने लोगों को पसीना-पसीना कर दिया। चंडीगढ़ में अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री रिकॉर्ड किया गया, वहीं पटियाला इस मामले में सबसे आगे रहा जहां पारा 36.8 डिग्री तक पहुंच गया।
क्यों सुस्त पड़ा है मानसून?
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, इस समय मानसून ट्रफ फिरोजपुर के ऊपर से गुजर रही है और साथ ही उत्तर हरियाणा के ऊपर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती सिस्टम एक्टिव है। इस भौगोलिक स्थिति के कारण भले ही आसमान में आंशिक बादल छाने और छिटपुट बूंदाबांदी की उम्मीद बन रही हो, लेकिन किसी भारी या झमाझम बारिश के आसार फिलहाल नहीं दिख रहे हैं। यही वजह है कि तापमान सामान्य से करीब 2.7 डिग्री ऊपर चल रहा है।
बढ़ती गर्मी और बिजली का संकट
इस उमस भरी गर्मी का सीधा असर अब पावर ग्रिड पर साफ दिखाई देने लगा है। स्थिति यह है कि सुबह-सुबह ही राज्य में बिजली की मांग ने पिछले रिकॉर्ड तोड़ने शुरू कर दिए हैं। सुबह के वक्त ही बिजली की कुल डिमांड 12,408 मेगावाट पर पहुंच गई। इसके मुकाबले राज्य के भीतर उत्पादन केवल 4,602 मेगावाट का ही हो रहा है। मांग और आपूर्ति के इस बड़े अंतर को पाटने के लिए पंजाब को बाहर से 7,809 मेगावाट बिजली आयात करनी पड़ रही है। तय शेड्यूल से ज्यादा बिजली खींचने के कारण ग्रिड पर भी लगातार दबाव बना हुआ है।
राहत भरी खबर: बांधों में स्थिति नियंत्रण में
बिजली और गर्मी के मोर्चे पर भले ही तनाव बना हुआ हो, लेकिन जल स्तर के मामले में एक राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य के दोनों सबसे अहम बांध फिलहाल पूरी तरह सुरक्षित स्थिति में हैं। भाखड़ा बांध का जलस्तर इस समय 1643.66 फीट पर है, जबकि इसका वार्निंग और डेंजर लेवल 1680 फीट है। इसी तरह पोंग बांध में पानी का स्तर 1372.53 फीट दर्ज किया गया है, जो इसके 1390 फीट के खतरे के निशान से काफी नीचे है। दोनों ही बांधों में पानी की आवक और निकासी संतुलित बनी हुई है, जिससे फिलहाल किसी भी तरह के खतरे की कोई आशंका नहीं है।
