Rajasthan News: श्रीगंगानगर के प्राइवेट स्कूल में 9 साल के बच्चे की मौत, वाटर कूलर से करंट लगने का आरोप

श्रीगंगानगर के प्राइवेट स्कूल में 9 साल के बच्चे की मौत
Rajasthan News: श्रीगंगानगर के सादुलशहर में सोमवार (10 अगस्त) शाम एक प्राइवेट स्कूल में 9 साल के बच्चे की मौत हो गई। वार्ड नंबर-23 निवासी देवांश बाल भारती स्कूल में पांचवीं कक्षा का छात्र था। परिवार के मुताबिक, सोमवार शाम करीब 7 बजे वह स्कूल ग्राउंड में खेलने गया था।
खेलने के बाद देवांश स्कूल परिसर में लगे वाटर कूलर से पानी पीने गया। इसी दौरान उसे करंट लग गया और वह अचेत होकर नीचे गिर गया। आसपास मौजूद लोगों ने बच्चे को संभाला और तुरंत सादुलशहर के सरकारी हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिवार का आरोप- पहले ही बताई थी कूलर में करंट की शिकायत
देवांश के भाई का आरोप है कि वाटर कूलर में करंट आने की शिकायत स्कूल की मैडम को कई दिनों से दी जा रही थी। परिवार का कहना है कि शिकायत के बावजूद कूलर की खराबी को ठीक नहीं कराया गया।
देवांश के पिता भूपेंद्र सिंह मजदूरी करते हैं। परिवार में देवांश का एक बड़ा भाई भी है, जो इसी स्कूल में छठी कक्षा में पढ़ता है। बच्चे की मौत के बाद परिवार ने स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
परिवार का कहना है कि अगर कूलर में करंट की शिकायत मिलने के बाद समय रहते उसे ठीक कराया जाता या बच्चों को उससे दूर रखा जाता, तो यह हादसा टल सकता था। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
अस्पताल के बाहर धरने पर बैठा परिवार
देवांश की मौत के बाद परिवार सादुलशहर के सरकारी हॉस्पिटल के बाहर धरने पर बैठ गया। परिजनों की मांग है कि बच्चे का पोस्टमार्टम सामान्य तरीके से नहीं, बल्कि मेडिकल बोर्ड से कराया जाए।
परिवार का कहना है कि मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट होनी चाहिए और स्कूल प्रबंधन की कथित लापरवाही की जांच की जाए। मामले में पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर कार्रवाई शुरू कर दी है।
स्कूल कमेटी और संचालक पर केस दर्ज
सादुलशहर थाना पुलिस ने देवांश के पिता भूपेंद्र की रिपोर्ट पर बाल भारती स्कूल की कमेटी और संचालक सर्वजीत सिंह सरां के खिलाफ लापरवाही से मौत का मामला दर्ज किया है।
सादुलशहर थाना SHO मलकीत सिंह मान ने बताया कि बच्चे के शव का पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड से कराया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस के सामने अब यह स्पष्ट करना अहम होगा कि बच्चे की मौत वास्तव में करंट लगने से हुई या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी। साथ ही, वाटर कूलर में बिजली का करंट आने की शिकायत पहले स्कूल प्रबंधन को दी गई थी या नहीं, इसकी भी जांच की जाएगी।
जिला शिक्षा अधिकारी बोले- स्कूल टाइम में नहीं हुआ हादसा
जिला शिक्षा अधिकारी हरलाल सहारण ने कहा कि हादसा स्कूल टाइम में नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि बच्चा स्कूल क्यों गया था, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है और फिलहाल पूरा मामला उनकी जानकारी में नहीं आया है।
ऐसे में पुलिस जांच के साथ शिक्षा विभाग की भूमिका भी अहम हो जाती है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मौके की जांच और स्कूल परिसर में लगे वाटर कूलर की स्थिति से हादसे की वास्तविक वजह सामने आने की उम्मीद है।
परिवार को जांच और रिपोर्ट का इंतजार
एक तरफ परिवार स्कूल प्रबंधन की कथित लापरवाही को बच्चे की मौत की वजह बता रहा है, वहीं शिक्षा अधिकारी ने हादसे के स्कूल टाइम में नहीं होने की बात कही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
देवांश की मौत ने स्कूल परिसर में बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। जांच में यह सामने आना बाकी है कि वाटर कूलर में तकनीकी खराबी थी या नहीं और यदि थी तो स्कूल प्रबंधन को इसकी जानकारी पहले से थी या नहीं।
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