राजस्थान में 15 सितंबर तक बारिश का दौर, पश्चिमी जिलों में 40 डिग्री के पार पहुंचा पारा; 29 जिलों में बारिश का अलर्ट

राजस्थान में 15 सितंबर तक बारिश का दौर
Rajasthan Weather: राजस्थान में पिछले करीब एक सप्ताह से कमजोर पड़ा मानसून अब फिर सक्रिय हो गया है। शनिवार को राज्य के 29 जिलों में तेज बारिश का यलो अलर्ट है। शुक्रवार दोपहर बाद भरतपुर और जयपुर संभाग के कई इलाकों में मौसम बदला और हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवा चली।
बारिश के बाद जयपुर, दौसा समेत कई शहरों के तापमान में गिरावट आई। उमस और गर्मी से परेशान लोगों को भी राहत मिली। मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, पूर्वी राजस्थान में 12 सितंबर को गरज–चमक के साथ बारिश की गतिविधियां बनी रहने की संभावना है, जबकि 13 और 14 सितंबर को भारी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।
अलवर से झालावाड़ तक बारिश, कई जगह जलभराव
पिछले 24 घंटे में जयपुर, अलवर, भरतपुर, दौसा, सवाई माधोपुर, करौली, धौलपुर, सीकर, बूंदी, बारां और झालावाड़ के कई इलाकों में बारिश हुई। कई स्थानों पर करीब 2 इंच तक पानी बरसा। अलवर के कोटकासिम में सबसे ज्यादा 45 MM बारिश रिकॉर्ड की गई। तेज बारिश के कारण अलवर, सवाई माधोपुर और दौसा के कुछ इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया। बारिश ने जहां गर्मी और उमस से राहत दी, वहीं जलभराव ने स्थानीय लोगों की परेशानी भी बढ़ाई। राजस्थान के पूर्वी और दक्षिण–पूर्वी हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने से आने वाले दिनों में मौसम का असर और व्यापक हो सकता है। राज्य में बारिश का यह दौर 15 सितंबर तक जारी रहने की संभावना जताई गई है।
बंगाल की खाड़ी का लो–प्रेशर सिस्टम बढ़ा रहा बारिश
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में बना लो–प्रेशर सिस्टम दक्षिणी ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश से लगे क्षेत्र में सक्रिय है। इसके अगले 24 घंटे में मध्य भारत से होकर पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है। इस सिस्टम के पश्चिम की ओर बढ़ने से राजस्थान के दूसरे इलाकों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इसका असर खास तौर पर पूर्वी राजस्थान में ज्यादा दिखाई दे सकता है, जहां मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में बारिश और गरज–चमक की चेतावनी दी है।
पश्चिमी राजस्थान में बारिश थमी, गर्मी फिर तेज
राज्य के पश्चिमी हिस्से में तस्वीर अलग है। बीकानेर और जोधपुर संभाग के कुछ इलाकों में बारिश की गतिविधियां कम होने और पश्चिमी हवाएं चलने से तापमान बढ़ गया है। शुक्रवार को बीकानेर राज्य का सबसे गर्म शहर रहा। यहां अधिकतम तापमान 40.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। चूरू और श्रीगंगानगर में भी पारा 39.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इससे साफ है कि सितंबर के दूसरे सप्ताह में भी राजस्थान में मौसम एक जैसा नहीं है। पूर्वी और दक्षिण–पूर्वी हिस्सों में बारिश का दौर बना हुआ है, जबकि पश्चिमी जिलों में बारिश की कमी के बीच गर्मी फिर जोर पकड़ रही है।
अगले कुछ दिन राजस्थान के लिए अहम
मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, पूर्वी राजस्थान में 12 सितंबर को गरज–चमक की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। 13 और 14 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है, जबकि 15 सितंबर को भी गरज–चमक के साथ बारिश की गतिविधियां बनी रहने का अनुमान है। पश्चिमी राजस्थान में 13 और 14 सितंबर को गरज–चमक की गतिविधियों की चेतावनी दी गई है। बारिश के बीच लोगों को जलभराव वाले रास्तों पर सावधानी बरतने की जरूरत होगी। वहीं पश्चिमी राजस्थान में 40 डिग्री के आसपास पहुंच रहा तापमान बताता है कि मानसून की वापसी से पहले राज्य में गर्मी का असर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
