जयपुर: राजस्थान की वित्त मंत्री दिया कुमारी ने बुधवार को राज्य विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। सदन की कार्यवाही आरंभ होते ही उन्होंने पहले वित्त वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमान प्रस्तुत किए और उसके बाद नए वित्त वर्ष का आय-व्ययक अनुमान सदन के पटल पर रखा। बजट भाषण के दौरान उन्होंने राज्य की आर्थिक स्थिति, सरकार की प्राथमिकताओं और आगामी योजनाओं की रूपरेखा विस्तार से सामने रखी।
समावेशी और सतत विकास पर जोर
वित्त मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मूल मंत्र से प्रेरित होकर कार्य कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य केवल आर्थिक वृद्धि दर बढ़ाना नहीं है, बल्कि ऐसा विकास सुनिश्चित करना है जो समावेशी हो और समाज के अंतिम व्यक्ति तक उसका लाभ पहुंचे। सतत विकास को ध्यान में रखते हुए संसाधनों के संतुलित उपयोग और भविष्य की पीढ़ियों के हितों की भी चिंता की गई है।
विकसित राजस्थान 2047 की परिकल्पना
दिया कुमारी ने “विकसित राजस्थान 2047” की परिकल्पना को बजट का मूल आधार बताया। उन्होंने कहा कि जब देश स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब राजस्थान को एक सशक्त, आत्मनिर्भर और अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। इस दृष्टि से आधारभूत संरचना, औद्योगिक विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और तकनीकी उन्नयन को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि राज्य दीर्घकालिक विकास की राह पर मजबूती से आगे बढ़ सके।
गरीब, युवा, किसान और नारी शक्ति पर फोकस
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सरकार ने सेवा, समर्पण और सुशासन को अपनी कार्यशैली का आधार बताया है। बजट में गरीबों के सामाजिक सुरक्षा कवच को मजबूत करने, युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास के अवसर बढ़ाने, किसानों को तकनीकी और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने तथा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए योजनाओं को विस्तार देने की दिशा में प्रतिबद्धता व्यक्त की गई। वित्त मंत्री ने कहा कि विकास की इस यात्रा में इन चारों वर्गों की भूमिका महत्वपूर्ण है और सरकार उनकी आकांक्षाओं को केंद्र में रखकर नीतियां बना रही है।
वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता का आश्वासन
अपने भाषण में वित्त मंत्री ने यह भी भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए विकास कार्यों को गति देगी। राजकोषीय संतुलन, पारदर्शिता और सुशासन के माध्यम से संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि राजस्थान को आर्थिक रूप से मजबूत और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने का एक दूरदर्शी संकल्प है।