Rewari : साइबर पुलिस का बड़ा एक्शन, फर्जी आईपीएस बनकर 19.76 लाख ठगने वाला भरतपुर का अजरूद्दीन गिरफ्तार

प्रतीकात्मक फोटो
Rewari : जिले की साइबर थाना पुलिस ने ऑनलाइन ठगी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए फर्जी आईपीएस अधिकारी बनकर करीब 20 लाख रुपये ऐंठने वाले एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है।
आरोपी लोगों को उनकी अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने का डर दिखाकर ब्लैकमेल करता था और कानूनी कार्रवाई से बचाने के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में मोटी रकम ट्रांसफर करवाता था। पुलिस के हत्थे चढ़ा मुख्य आरोपी राजस्थान के भरतपुर जिले के गांव लाडलाका का रहने वाला अजरूद्दीन है।
दिल्ली क्राइम ब्रांच का अधिकारी बनकर किया था फोन
साइबर सेल को दी गई शिकायत में रेवाड़ी के यादव नगर निवासी बलबीर सिंह ने बताया कि बीती 7 मई को उनके फोन पर एक अनजान नंबर से कॉल आई थी। फोन करने वाले ने खुद को दिल्ली के द्वारका सेक्टर-16 स्थित क्राइम ब्रांच का आईपीएस अधिकारी ‘राठौर’ बताया।
कॉलर ने डराते हुए कहा कि उनके नाम से एक अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और इस सिलसिले में उनके खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज हो चुका है। यदि वह चाहते हैं कि वीडियो डिलीट कर दिया जाए और मामला रफा-दफा हो जाए, तो उन्हें पुलिस कार्रवाई का सामना करने से बचना होगा।
खुद ही थमाया मीडियाकर्मी का नंबर, फिर शुरू हुआ लूट का सिलसिला
पीड़ित बलबीर सिंह ने जब किसी भी मीडियाकर्मी या इस तरह की जानकारी से साफ इनकार किया, तो शातिर ठग ने खुद ही आगे बढ़कर उन्हें एक तथाकथित ‘मीडियाकर्मी’ का मोबाइल नंबर दे दिया। जब पीड़ित ने उस नंबर पर संपर्क किया, तो फोन उठाने वाले ने खुद को पत्रकार बताते हुए वीडियो हटवाने के एवज में शुरुआती तौर पर 12,100 रुपये एक खाते में ट्रांसफर करवा लिए।
इसके बाद ठगों ने पीड़ित को इस तरह अपने जाल में उलझाया कि डर के मारे वह उनकी हर बात मानते चले गए। आरोपियों ने अलग-अलग बहानों और बैंक खातों के जरिए कुल 19 लाख 76 हजार 600 रुपये ऐंठ लिए। जब पीड़ित को एहसास हुआ कि वह पूरी तरह साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं, तो उन्होंने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
दो आरोपी पहले ही जा चुके हैं सलाखों के पीछे
रेवाड़ी साइबर पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और कॉल डिटेल के आधार पर जाल बिछाकर आरोपी अजरूद्दीन को दबोच लिया। पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया है कि इस गिरोह के तार दूर-दूर तक फैले हुए हैं। इस मामले में पुलिस इससे पहले नूंह जिले के गांव महू चोपड़ा निवासी साबीर और राजस्थान के डीग (डीडवाना) क्षेत्र के गांव उचकी निवासी राहुल को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
फिलहाल, पुलिस अजरूद्दीन से रिमांड के दौरान पूछताछ कर रही है और गिरोह के बाकी फरार सदस्यों की तलाश में जुटी है ताकि ठगी के इस नेटवर्क का पूरी तरह से पर्दाफाश किया जा सके।
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