Rohtak News: केंद्र सरकार की नीतियों और बैंकिंग क्षेत्र में लंबे समय से लटकी मांगों को लेकर रोहतक के बैंक कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा है। भारतीय स्टेट बैंक अधिकारी संघ के नेतृत्व में शुक्रवार को जिले के बैंक कर्मियों ने एकजुट होकर शहर में जोरदार विरोध जुलूस निकाला। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। एसबीआई की मुख्य शाखा पर प्रदर्शन समाप्त करते हुए कर्मचारी नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी जायज मांगों का स्थायी समाधान नहीं निकाला, तो वे अक्टूबर में देशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने से पीछे नहीं हटेंगे।
पीएलआई स्कीम में भेदभाव मंजूर नहीं: जितेंद्र सिवाच
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे भारतीय स्टेट बैंक अधिकारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष जितेंद्र सिवाच ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह हड़ताल मुख्य रूप से दो बड़े मुद्दों को लेकर की जा रही है। पहला मुद्दा 5 दिवसीय कार्यप्रणाली (5-Day Work Week) को लागू करना है और दूसरा भेदभावपूर्ण परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना का कड़ा विरोध है।
सिवाच ने बताया कि कर्मचारियों के भारी आक्रोश को देखते हुए सरकार ने फिलहाल पीएलआई स्कीम को रोक तो दिया है, लेकिन इसका स्थायी समाधान जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस योजना में 95 प्रतिशत कर्मचारियों—जिनमें क्लर्क, मैसेंजर और स्केल-3 तक के अफसर शामिल हैं—को केवल 15 दिन का पीएलआई दिया जा रहा है, जबकि चीफ मैनेजर और उससे ऊपर के शीर्ष अधिकारियों को पूरे 365 दिन की पीएलआई बांटी जा रही है, जो पूरी तरह अन्यायपूर्ण है।
जब देश के 99% विभागों में 5-Day वर्किंग, तो बैंकों में क्यों नहीं?
जितेंद्र सिवाच ने कहा कि देश और प्रदेश के लगभग 99 प्रतिशत सरकारी विभागों के साथ-साथ रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) में भी सप्ताह में 5 दिन ही काम होता है।
बैंक कर्मचारी जनता की सुविधा के लिए रोजाना पब्लिक डीलिंग का समय 45 मिनट बढ़ाने का प्रस्ताव भी दे चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद सरकार बैंकों में 5 दिवसीय वर्किंग की अधिसूचना जारी करने से हिचकिचा रही है। उन्होंने खुलासा किया कि सरकार करीब ढाई साल पहले इस मांग को स्वीकार कर चुकी है, लेकिन संबंधित फाइल पिछले कई महीनों से प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में धूल फांक रही है।
28 सितंबर से 3 दिवसीय और 26 अक्टूबर से बेमियादी हड़ताल का ऐलान
यूनियन नेताओं ने साफ कर दिया है कि अब पानी सिर से ऊपर जा चुका है और बैंक कर्मचारी आर-पार के मूड में हैं। जब तक सरकार लिखित रूप से यह तारीख तय नहीं करती कि 5-Day वर्किंग कब से लागू होगी, तब तक आंदोलन थमेगा नहीं। जितेंद्र सिवाच ने आगामी आंदोलन की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि अभी जिला स्तर पर धरने-प्रदर्शन जारी रहेंगे।
इसके बाद 28 से 30 सितंबर तक तीन दिनों की पूर्ण हड़ताल रहेगी। यदि फिर भी सरकार की नींद नहीं खुली, तो 26 अक्टूबर से देश भर के बैंक कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे, जिससे बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह ठप होंगी और इसकी पूरी जिम्मेदारी खुद केंद्र सरकार की होगी।
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