August 2, 2026

LPG Gas Cylinder: ग्रामीण उपभोक्ताओं को बड़ी राहत, 1 जुलाई से 45 की जगह 25 दिन में बुक होगा दूसरा सिलेंडर

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LPG Gas Cylinder: ग्रामीण उपभोक्ताओं को बड़ी राहत, 1 जुलाई से 45 की जगह 25 दिन में बुक होगा दूसरा सिलेंडर

LPG Gas Cylinder: ग्रामीण उपभोक्ताओं को बड़ी राहत, 1 जुलाई से 45 की जगह 25 दिन में बुक होगा दूसरा सिलेंडर

LPG Gas Cylinder: केंद्र सरकार ग्रामीण अंचलों में रहने वाले करोड़ों एलपीजी उपभोक्ताओं की एक बड़ी परेशानी को हमेशा के लिए खत्म करने की तैयारी में है। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के उच्च पदस्थ सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, देश में रसोई गैस की आपूर्ति सुचारू होने के बाद अब वितरण व्यवस्था की नए सिरे से समीक्षा शुरू कर दी गई है।

सब कुछ ठीक रहा तो आगामी 1 जुलाई से ग्रामीण क्षेत्रों में सिलेंडर की दोबारा बुकिंग के लिए तय 45 दिनों की अवधि को घटाकर सीधे 25 दिन कर दिया जाएगा। सरकार के इस कदम से न सिर्फ ग्रामीण गृहिणियों को बड़ी राहत मिलेगी, बल्कि ब्लैक मार्केटिंग पर भी लगाम कसी जा सकेगी।

मार्च के संकट के बाद लागू हुई थी पाबंदी, शहरों और गांवों के लिए बने थे अलग नियम LPG Gas Cylinder

इस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़कर देखें तो इस पाबंदी के पीछे अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां जिम्मेदार थीं। दरअसल, इसी साल मार्च महीने में पश्चिम एशिया में अचानक भू-राजनीतिक तनाव और युद्ध जैसे हालात पैदा हो गए थे, जिसका सीधा असर भारत में एलपीजी के आयात पर पड़ा था। उस वक्त देश में गैस की भारी किल्लत न हो, इसे देखते हुए केंद्र सरकार ने एक नियंत्रित वितरण नीति लागू की थी।

इसी नीति के तहत भेदभावपूर्ण ढंग से शहरी उपभोक्ताओं के लिए री-बुकिंग का अंतर 25 दिन और ग्रामीण भारत के लिए 45 दिन तय कर दिया गया था। इस नियम की वजह से गांवों में संयुक्त परिवारों को डेढ़ महीने से पहले दूसरा सिलेंडर न मिलने के कारण भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।

तेल कंपनियों को ग्राउंड रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश, जल्द जारी होगी अधिसूचना

अब चूंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार और आयात के मोर्चे पर गैस की उपलब्धता सामान्य हो चुकी है, इसलिए मंत्रालय इस पुराने प्रतिबंध को हटाने की ओर कदम बढ़ा चुका है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी प्रमुख गैस वितरण कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने राज्यों के डीलर नेटवर्क से मौजूदा स्टॉक और मांग का पूरा फीडबैक लें।

माना जा रहा है कि इस हफ्ते के अंत तक सभी राज्यों से रिपोर्ट मुख्यालय पहुंच जाएगी, जिसके तुरंत बाद प्राथमिकता के आधार पर ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं के लिए नई गाइडलाइन की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी जाएगी।

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