28 अगस्त को जेठू बाबा मंदिर में होगा श्रावणी उपाकर्म कार्यक्रम

Narnaul Religus News: श्री गौड़ ब्राह्मण सभा नारनौल एवं श्री नूनीवाल ब्राह्मण समाज के संयुक्त तत्वावधान में श्रावणी उपाकर्म कार्यक्रम का आयोजन 28 अगस्त को जेठू बाबा मंदिर प्रांगण, नसीबपुर में किया जाएगा।
गौड़ ब्राह्मण सभा नारनौल के प्रधान राकेश महता एडवोकेट ने जानकारी देते हुए बताया कि कार्यक्रम के तहत प्रातः 7 बजे देव, ऋषि एवं पितृ तर्पण, 8:15 बजे सप्तऋषि पूजन, 9 बजे आरती तथा 9:15 बजे प्रसाद वितरण किया जाएगा।श्रावणी उपाकर्म के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए गौड़ ब्राह्मण सभा नारनौल के प्रधान राकेश महता एडवोकेट ने बताया कि सनातन वैदिक परंपरा में श्रावणी उपाकर्म वेदों के अध्ययन, ऋषियों के स्मरण, यज्ञोपवीत के पवित्र परिवर्तन तथा वैदिक अनुशासन के पुनः संकल्प का महत्वपूर्ण संस्कार है।
उन्होंने बताया कि श्रावण मास की पूर्णिमा के अवसर पर वैदिक परंपरा के अनुसार ऋषियों एवं पितरों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए तर्पण, हवन, यज्ञोपवीत परिवर्तन सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए जाते हैं। यह संस्कार मनुष्य के आध्यात्मिक जीवन में विशेष महत्व रखता है और इसकी परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है।
राकेश महता ने कहा कि श्रावणी उपाकर्म का उद्देश्य केवल बाहरी शुद्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से तन की शुद्धि, मन के संस्कार और अंतःकरण की पवित्रता पर भी ध्यान दिया जाता है। भारतीय वैदिक परंपरा में इसे वेद, ऋषि, गुरु और स्वाध्याय के प्रति श्रद्धा को पुनः जागृत करने वाला महत्वपूर्ण वार्षिक अनुष्ठान माना गया है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में भी श्रावणी उपाकर्म की प्रासंगिकता बनी हुई है। यह पर्व व्यक्ति को अपनी वैदिक परंपराओं, संस्कारों और आध्यात्मिक मूल्यों से जुड़ने की प्रेरणा देता है तथा आत्मचिंतन एवं सदाचार के मार्ग पर आगे बढ़ने का संदेश देता है।
उन्होंने विप्र बंधुओं से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में शामिल होकर धार्मिक अनुष्ठान में भाग लेने तथा पुण्य लाभ प्राप्त करने की अपील की।
