September 9, 2026

Sonipat Murder Case: हरिद्वार से लौटे विक्की का 40 दिन बाद मिला कंकाल, पहचान पत्र से हुई शिनाख्त

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Sonipat Murder Case: हरिद्वार से लौटे विक्की का 40 दिन बाद मिला कंकाल, पहचान पत्र से हुई शिनाख्त

हरिद्वार से लौटे विक्की का 40 दिन बाद मिला कंकाल, पहचान पत्र से हुई शिनाख्त

Sonipat Murder Case: सोनीपत के इंदिरा गढ़ी क्षेत्र से बीते 1 अगस्त 2026 को दोस्तों के साथ हरिद्वार घूमने निकला 35 वर्षीय चालक विक्की अचानक गायब हो गया था। हरिद्वार से लौटने के बाद उसके साथी विक्रम और प्रीतम उसे दोबारा घर से बुलाकर ले गए, जिसके बाद विक्की कभी वापस नहीं लौटा। परिजनों ने कई दिनों तक उसके मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फोन लगातार बंद आता रहा।

किसी अनहोनी की आशंका जताते हुए विक्की के चाचा संजय ने पुलिस में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जब जांच की सुई विक्की के दोस्तों की तरफ मोड़ी, तो जो सच्चाई निकलकर सामने आई उसने सभी को झकझोर कर रख दिया।

18 हजार रुपये की गुमशुदगी बनी काल, 10 रुपये के चाकू से रेता गला

एसीपी राजपाल ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पूछताछ के दौरान हिरासत में लिए गए आरोपी विक्रम (निवासी रूखी गांव) और प्रीतम (निवासी भटगांव) ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।

शुरुआती जांच में सामने आया कि हरिद्वार यात्रा के दौरान आरोपी प्रीतम के 18 हजार रुपये कहीं खो गए थे। प्रीतम और विक्रम को शक था कि ये रुपये विक्की ने चोरी किए हैं। इसी शक के आधार पर दोनों ने विक्की को रास्ते से हटाने का मन बना लिया। आरोपियों ने बाजार से महज 10 रुपये का एक साधारण चाकू खरीदा और 2 या 3 अगस्त के आसपास विक्की को बहाने से गोहाना ले जाकर उसका गला रेत दिया।

गोहाना बाईपास की पुलिया के नीचे फेंका शव, 40 दिन बाद मिला कंकाल

हत्याकांड को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपियों ने विक्की के शव को गोहाना में पानीपत बाईपास स्थित एक पुलिया के नीचे फेंक दिया और वापस आकर सामान्य जिंदगी जीने लगे।

पुलिस ने जब आरोपियों को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की, तो उनकी निशानदेही पर घटनास्थल से शव बरामद किया गया। करीब 40 दिनों तक खुले में पड़े रहने के कारण शव पूरी तरह गल चुका था और हड्डियों के ढांचे में तब्दील हो गया था। शव की शिनाख्त कर पाना लगभग नामुमकिन था, लेकिन कंकाल के ऊपरी कपड़ों से मिले पहचान पत्र (आईडी कार्ड) के आधार पर छोटे भाई अक्षय ने उसकी पहचान विक्की के रूप में की।

बीपीएस मेडिकल कॉलेज भेजा गया शव, रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी पुलिस

पेशे से चालक विक्की अपने परिवार का मुख्य सहारा था। उसकी इस तरह निर्मम हत्या की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया है। पुलिस ने शव के अवशेषों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम और डीएनए मैपिंग के लिए खानपुर कलां स्थित बीपीएस शासकीय महिला मेडिकल कॉलेज भेज दिया है। एसीपी राजपाल ने बताया कि दोनों आरोपी पुलिस हिरासत में हैं और उन्हें अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। पुलिस रिमांड के दौरान वारदात में इस्तेमाल चाकू, आरोपियों की व्यक्तिगत भूमिका और घटना से जुड़े अन्य अहम सबूत जुटाने का प्रयास करेगी।

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