August 2, 2026

Fatehabad News: टोहाना सदर थाने का एसआई महेंद्र 35 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार, फर्जी बस पास केस में मांगी थी घूस

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Fatehabad News: टोहाना सदर थाने का एसआई महेंद्र 35 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार, फर्जी बस पास केस में मांगी थी घूस

Fatehabad News: टोहाना सदर थाने का एसआई महेंद्र 35 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार, फर्जी बस पास केस में मांगी थी घूस

Fatehabad News: भ्रष्टाचार के खिलाफ सूबे में चल रही धरपकड़ के बीच फतेहाबाद के टोहाना से खाकी को दागदार करने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने सोमवार को एक सोची-समझी घेराबंदी के तहत सदर थाना के सब-इंस्पेक्टर (SI) महेंद्र को रिश्वत की गड्डियों के साथ दबोच लिया।

जनता की सुरक्षा और न्याय का जिम्मा संभालने वाले इस पुलिस अधिकारी पर आरोप है कि उसने एक मामले की जांच के नाम पर पीड़ित परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और केस दबाने के एवज में हजारों रुपये की मोटी रकम ऐंठने की कोशिश की।

‘या तो पैसे दो, नहीं तो अंदर कर दूंगा’—रोडवेज पास मामले में बुना वसूली का ताना-बाना

एसीबी के इंचार्ज विजेंद्र सिंह ने मामले की कड़ियां खोलते हुए बताया कि पूरा विवाद रोडवेज विभाग की एक शिकायत से जुड़ा हुआ है। विभाग ने राहुल नाम के एक युवक के खिलाफ फर्जी या गलत तरीके से बस पास बनवाने के आरोप में पुलिस को एक दरखास्त दी थी। सदर थाना पुलिस ने इस मामले की तफ्तीश का जिम्मा एसआई महेंद्र को सौंप दिया।

बस यहीं से दारोगा जी की नीयत डोल गई। कानूनी प्रक्रिया का पालन करने के बजाय, महेंद्र शिकायतकर्ता राकेश के घर धमक पड़ा। वहां उसने रौब झाड़ते हुए सीधे शब्दों में कहा, “या तो 72 हजार रुपये का इंतजाम करो, नहीं तो सीधे जेल के अंदर कर दूंगा।” डरे-सहमे परिवार ने मिन्नतें कीं, जिसके बाद सौदा 35 हजार रुपये में तय हुआ।

एसीबी का ‘सस्पेंस’ जाल: थाने बुलाकर ली रिश्वत, केमिकल वाले नोटों ने खोली पोल

परेशान होकर पीड़ित परिवार ने इसकी सूचना एंटी करप्शन ब्यूरो को दे दी। ब्यूरो ने शिकायत मिलते ही तुरंत एक स्पेशल टीम गठित की और ड्यूटी मजिस्ट्रेट को साथ लेकर जाल बिछा दिया। सोमवार को एसआई महेंद्र ने जैसे ही राकेश और राहुल को रकम के साथ थाने बुलाया, एसीबी के इशारे पर केमिकल लगे नोट उसे सौंप दिए गए। जैसे ही महेंद्र ने रिश्वत की रकम अपने हाथ में ली, घात लगाकर बैठी विजेंद्र सिंह की टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। पानी से हाथ धुलवाते ही एसआई की उंगलियां लाल हो गईं, जिसके बाद उसे तुरंत हिरासत में ले लिया गया।

एसीबी इंचार्ज ने साफ किया कि सरकार और डीजीपी के सख्त निर्देश हैं कि भ्रष्टाचार के मामले में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। यह पूरा ऑपरेशन ब्यूरो चीफ डॉक्टर एएस चावला और एसपी ममता के सीधे मार्गदर्शन में अंजाम दिया गया है। फिलहाल आरोपी एसआई के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि क्या इस रिश्वतकांड के तार थाने के अन्य बड़े अधिकारियों से भी जुड़े हैं। कोर्ट में पीड़िता के धारा 184 के तहत बयान दर्ज कराने के बाद आरोपी को रिमांड पर लेकर जेल भेजा जाएगा।

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