August 2, 2026

Rewari News: रेवाड़ी में विवाहिता की संदिग्ध मौत पर अस्पताल में काटा हंगामा

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Rewari News: रेवाड़ी में विवाहिता की संदिग्ध मौत पर अस्पताल में काटा हंगामा

Rewari News: रेवाड़ी में विवाहिता की संदिग्ध मौत पर अस्पताल में काटा हंगामा

Rewari News: हरियाणा के रेवाड़ी में एक बार फिर दहेज और घरेलू कलह की बलि चढ़ी बेटी के मामले ने तूल पकड़ लिया है। रामपुरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव पिथड़ावास में एक 25 वर्षीय विवाहिता प्रीति का शव उसके ससुराल में फंदे से लटका हुआ पाया गया। घटना के वक्त घर में मृतका के सास-ससुर ही मौजूद थे, जिन्होंने मामले की सूचना मायके पक्ष को दी।

अस्पताल पहुंचते ही बेटी का बेजान शरीर देख मायके वालों का धैर्य जवाब दे गया। उन्होंने इसे आत्महत्या मानने से साफ इनकार करते हुए आरोप लगाया कि उनकी बेटी की गला घोंटकर हत्या की गई है और इसे सुसाइड का रूप देने के लिए फंदे पर लटकाया गया।

अरेंज मैरिज, ताने और इंस्टाग्राम पर बयां हुआ था दर्द

मृतका के मामा अजीत कुमार ने रुंधे गले से बताया कि प्रीति की शादी तीन साल पहले पिथड़ावास निवासी दीपक के साथ हुई थी, जो एक पोल्ट्री फार्म चलाता है। यह पूरी तरह से दोनों परिवारों की रजामंदी से हुई अरेंज मैरिज थी। दोनों का एक दो साल का मासूम बेटा भी है। अजीत के मुताबिक, शादी के कुछ समय बाद से ही ससुराल वाले प्रीति को ‘तूं हमें पसंद नहीं है’ कहकर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगे थे।

मामा ने एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि कुछ दिन पहले प्रीति ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक दर्दभरी पोस्ट लिखी थी। उसमें उसने आरोप लगाया था कि ससुराल के लोगों ने उसे जबरन लिक्विड मॉस्किटो रिपेलेंट (ऑलआउट) पिलाने की कोशिश की थी। हालांकि, जैसे ही इस पोस्ट की भनक पति दीपक को लगी, उसने जबरन प्रीति के फोन से उस स्टेटस को डिलीट करवा दिया। मायके पक्ष का कहना है कि प्रीति के गले पर जो निशान हैं, वे फांसी के नहीं बल्कि गला दबाने के प्रतीत होते हैं, क्योंकि सुसाइड के मामलों की तरह न तो जीभ बाहर थी और न ही आंखें।

पुलिस पर गुमराह करने का आरोप और अंतिम संस्कार पर हुआ हाई वोल्टेज ड्रामा

सोमवार को रेवाड़ी के नागरिक अस्पताल में उस वक्त स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई, जब दोनों पक्षों की भारी भीड़ जमा हो गई। मृतका के परिजनों ने रामपुरा थाना पुलिस पर भी ढुलमुल रवैया अपनाने और सुबह से दोपहर तक इधर-उधर घुमाकर गुमराह करने का आरोप जड़ा। परिजनों का कहना था कि सरकारी सेवा में कार्यरत देवर घटना के वक्त 15 दिन की छुट्टी पर घर आया हुआ था, जो वारदात के तुरंत बाद रविवार रात को ही चुपचाप भाग निकला।

दोपहर को जब पोस्टमार्टम के बाद शव सौंपने की बात आई, तो मायके पक्ष ने साफ कह दिया कि जब तक पति, देवर, सास और ससुर चारों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक शव का अंतिम संस्कार नहीं होने दिया जाएगा।

अस्पताल परिसर में करीब दो घंटे तक चले इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद पुलिस बैकफुट पर आई और तुरंत कार्रवाई करते हुए सास-ससुर को गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही फरार पति और देवर को जल्द दबोचने का लिखित भरोसा दिया। इसके बाद दोनों पक्षों में सहमति बनी कि अंतिम संस्कार ससुराल पक्ष ही करेगा, जिसके बाद पुलिस ने शव उन्हें सौंप दिया।

एसएचओ का बयान: पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद साफ होगी तस्वीर

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए रामपुरा थाना प्रभारी (SHO) संजय कुमार ने बताया कि मायके पक्ष की शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। त्वरित कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपियों (सास-ससुर) को गिरफ्तार किया जा चुका है।

एसएचओ ने कहा, “परिजनों के आरोपों को गंभीरता से लिया जा रहा है, लेकिन मौत की असली वजह क्या थी, यह पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। फरार चल रहे पति और देवर की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं, उन्हें भी जल्द सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।”

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