Yamunanagar News: अवैध खैर लकड़ी तस्करी पर वन्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, कैंटर जब्त, आरोपी फरार

Feb 21, 2026 11:45 AM

प्रताप नगर: वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत खैर (Acacia catechu) की अवैध कटाई व परिवहन के खिलाफ वन्य प्राणी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। गुप्त सूचना के आधार पर संयुक्त विभागीय टीम ने नाकाबंदी कर अवैध रूप से भरे कैंटर को पीछा करते हुए जब्त किया, हालांकि चालक व उसके साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। मामले में कई धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच जारी है।

वन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार 20 फरवरी की रात करीब 12:30 बजे सूचना मिली कि डारपुर, मेहरनीवाला और खिल्लावाला क्षेत्र के जंगलों से काटी गई खैर की लकड़ी को गांव जाटांवाला में एकत्र कर बाजार में बेचने की तैयारी है। सूचना मिलते ही वन रक्षक, वन दरोगा और अन्य कर्मियों की संयुक्त टीम गठित की गई। नाकाबंदी के दौरान लगभग 2 बजे जाटांवाला की ओर से आ रहे टाटा 407 कैंटर को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन चालक ने वाहन तेज कर नाका तोड़ दिया। टीम ने पीछा करते हुए सदौरा क्षेत्र के गांव फजलपुर की एक गली में वाहन को घेर लिया, जहां आगे रास्ता न होने पर आरोपी वाहन छोड़कर फरार हो गए।

मौके पर जब्त कैंटर की जांच में सामने आया कि वाहन में खैर के कटे हुए 114 टुकड़े भरे थे, जिनका कुल वॉल्यूम 1.750 घनमीटर पाया गया। वाहन का पंजीकरण प्रमाण पत्र भी बरामद हुआ। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि खैर लकड़ी संरक्षित वन क्षेत्र से काटी गई है। वन विभाग ने बरामद माल को कब्जे में लेकर विधिवत माप व पंचनामा तैयार किया और कस्टडी में सुरक्षित रखवाया।

इस प्रकरण में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धाराओं 26A, 27, 29, 39, 50, 51 व 55 सहित संबंधित परिभाषात्मक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। अधिनियम के अनुसार संरक्षित क्षेत्र में बिना अनुमति प्रवेश, वन्यजीव आवास को नुकसान पहुंचाना, वनोपज का अवैध परिवहन और अपराध में प्रयुक्त वाहन की जब्ती दंडनीय अपराध हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी क्षेत्र में खैर चोरी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें जंगलों से अवैध कटाई कर रात के समय परिवहन की कोशिशें पकड़ी गई थीं। लगातार हो रही घटनाओं को देखते हुए वन विभाग ने गश्त बढ़ाने और नाकाबंदी सख्त करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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