PGIMER Chandigarh: पीजीआई में 34वें अंतरराष्ट्रीय पब्लिक हेल्थ मैनेजमेंट डेवलपमेंट प्रोग्राम का समापन, 19 देशों के नर्सिंग विशेषज्ञ हुए शामिल
पीजीआई में 34वें अंतरराष्ट्रीय पब्लिक हेल्थ मैनेजमेंट डेवलपमेंट प्रोग्राम का समापन
PGIMER Chandigarh: पीजीआई में आयोजित 34वें इंटरनेशनल पब्लिक हेल्थ मैनेजमेंट डेवलपमेंट प्रोग्राम (आईपीएचएमडीपी) का सफलतापूर्वक समापन हो गया। विदेश मंत्रालय, भारत सरकार की इंडियन टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन (आईटीईसी) पहल के तहत आयोजित इस 10 दिवसीय कार्यक्रम में 19 देशों के 47 वरिष्ठ नर्सिंग पेशेवरों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य नर्सिंग नेतृत्व, स्वास्थ्य प्रबंधन और वैश्विक स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए अनुभवों का आदान-प्रदान करना था।
समापन समारोह को संबोधित करते हुए कार्यक्रम निदेशक डॉ. सोनू गोयल ने कहा कि दुनिया भर में बढ़ते रोगों के बोझ को देखते हुए स्वास्थ्य पेशेवरों की क्षमता बढ़ाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विभिन्न देशों के बीच सहयोग, साझा चुनौतियों पर चर्चा और एक-दूसरे के अनुभवों से सीखना बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बेहद जरूरी है।
भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था और नवाचारों से प्रभावित हुए विदेशी प्रतिनिधि
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने पीजीआईएमईआर की ग्रीन हॉस्पिटल पहल, रीजनल ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गेनाइजेशन (रोटो), सेंट्रल स्टेराइल सर्विसेज विभाग (सीएसएसडी) और एआरटी सेंटर का दौरा किया। उन्हें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, आयुष्मान भारत, राष्ट्रीय अंग प्रत्यारोपण कार्यक्रम, डिजिटल हेल्थ और सतत स्वास्थ्य सेवाओं जैसी भारत सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी भी दी गई।प्रतिनिधियों ने फोर्टिस अस्पताल और चितकारा यूनिवर्सिटी का भी शैक्षणिक भ्रमण किया, जहां उन्हें नर्सिंग शिक्षा और स्वास्थ्य प्रबंधन के आधुनिक मॉडल देखने का अवसर मिला।
97 देशों के 1,750 से अधिक स्वास्थ्य पेशेवरों को मिल चुका है प्रशिक्षण
डॉ. सोनू गोयल ने बताया कि पिछले एक दशक में यह कार्यक्रम वैश्विक नेतृत्व और स्वास्थ्य प्रबंधन प्रशिक्षण का एक सफल मॉडल बन चुका है। ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना पर आधारित इस पहल के माध्यम से अब तक 97 देशों के 1,750 से अधिक सार्वजनिक स्वास्थ्य पेशेवरों को प्रशिक्षित किया जा चुका है, जिससे वैश्विक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का एक मजबूत नेटवर्क तैयार हुआ है। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने पर प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। पीजीआईएमईआर ने इस आयोजन के माध्यम से एक बार फिर वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य, क्षमता निर्माण और स्वास्थ्य प्रणाली सुदृढ़ीकरण में भारत की अग्रणी भूमिका को मजबूत किया है।
