Haryana Weather: गर्मी और उमस से मिलेगी राहत, हरियाणा के 9 जिलों में भारी बारिश और बिजली गिरने का यलो अलर्ट
हरियाणा के 9 जिलों में भारी बारिश और बिजली गिरने का यलो अलर्ट
Haryana Weather: उत्तर भारत में मानसूनी हवाओं के उतार-चढ़ाव के बीच हरियाणा में एक बार फिर मानसूनी गतिविधियां जोर पकड़ने वाली हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), चंडीगढ़ ने आगामी दिनों के लिए पूरे प्रदेश में बारिश का व्यापक पूर्वानुमान जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, 3 और 4 अगस्त को राज्य के एक बड़े हिस्से में हल्की से मध्यम और कई इलाकों में मूसलाधार बारिश देखने को मिलेगी। लगातार होने वाली इस बारिश से न केवल तापमान में गिरावट आएगी, बल्कि खरीफ फसलों को भी एक नई संजीवनी मिलने की उम्मीद है।
दक्षिणी और उत्तरी हरियाणा के इन 9 जिलों में झमाझम बारिश की चेतावनी
मौसम केंद्र चंडीगढ़ की मानें तो 3 और 4 अगस्त को पंचकूला, अंबाला और यमुनानगर जैसे उत्तरी जिलों के साथ-साथ दक्षिणी हरियाणा के महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, मेवात (नूंह), पलवल और फरीदाबाद में भारी बारिश हो सकती है। विभाग ने इन इलाकों में तेज गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया है।
इसके अलावा, मध्य और पश्चिमी हरियाणा के झज्जर, सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी और चरखी दादरी में भी हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है। वहीं कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, रोहतक, सोनीपत, पानीपत और जींद में भी स्थानीय स्तर पर मेघ गर्जन के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है।
सिरसा रहा सबसे गर्म, तापमान गिरने से राहत के आसार
मानसून के सुस्त पड़ने की वजह से पिछले कुछ दिनों में प्रदेश के औसत अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी देखी गई थी। रविवार को सिरसा का कैनाल कॉलोनी क्षेत्र 37 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा। हालांकि, मौसम विभाग का कहना है कि 5 से 7 अगस्त तक बारिश का यह दौर रुक-रुक कर जारी रहेगा। इससे पारे में सीधी गिरावट आएगी और लंबे समय से चल रही उमस व चिपचिपाहट भरी गर्मी से आम जनजीवन को राहत मिलेगी।
14 जिलों में अब तक सूखे जैसे हालात, 8 जिलों में ही सामान्य वर्षा
मौसम विभाग के 1 जून से 1 अगस्त 2026 तक के आंकड़ों पर नजर डालें, तो इस सीजन हरियाणा में मानसून का प्रदर्शन मिला-जुला रहा है। राज्य के 14 जिलों में अब भी सामान्य से काफी कम बारिश हुई है। सबसे खराब स्थिति सिरसा (-65%), रोहतक (-65%), अंबाला (-62%) और जींद (-62%) में बनी हुई है, जहां औसत के मुकाबले आधे से भी कम पानी बरसा है।
दूसरी तरफ, केवल 8 जिले ऐसे हैं जहां मानसून ने मेहरबानी दिखाई है। महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, चरखी दादरी, भिवानी, गुरुग्राम, पलवल, फरीदाबाद और कुरुक्षेत्र में सामान्य बारिश दर्ज की गई है। पलवल 202.9 मिमी बारिश के साथ सूची में सबसे आगे है, जबकि कुरुक्षेत्र में 201 मिमी और गुरुग्राम में 193 मिमी वर्षा रिकॉर्ड हुई है।
मौसम विभाग की एडवाइजरी: आकाशीय बिजली और जलभराव से बचें
खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन और मौसम विभाग ने आम नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। बारिश या आकाशीय बिजली चमकने के दौरान खुले में जाने या बड़े पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचने की ताकीद की गई है। साथ ही, किसानों को भी सलाह दी गई है कि वे खेतों में सिंचाई या कीटनाशक छिड़काव का काम मौसम के मिजाज को ध्यान में रखकर ही करें। आने वाले 3-4 दिनों की यह बारिश भूजल स्तर सुधारने और मानसूनी घाटे को पूरा करने में काफी मददगार साबित हो सकती है।
