August 24, 2026

Uttar Pradesh Monsoon: वाराणसी के सभी 84 घाट डूबे, छत पर गंगा आरती और अंतिम संस्कार, यूपी के 13 जिलों में बाढ़ जैसे हालात

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Uttar Pradesh Monsoon: वाराणसी के सभी 84 घाट डूबे: छत पर गंगा आरती और अंतिम संस्कार, यूपी के 13 जिलों में बाढ़ जैसे हालात

वाराणसी में छत पर गंगा आरती और अंतिम संस्कार

Uttar Pradesh Monsoon: उत्तर प्रदेश में मानसून लगातार सक्रिय है और कई जिलों में भारी बारिश के साथ नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। वाराणसी में गंगा का पानी बढ़ने से सभी 84 घाट डूब गए हैं। घाटों के निचले हिस्से में पानी भरने के बाद रोजमर्रा की धार्मिक गतिविधियां भी ऊपरी हिस्सों और छतों पर करनी पड़ रही हैं। दशाश्वमेध घाट पर होने वाली प्रसिद्ध गंगा आरती अब छत पर कराई जा रही है। अस्सी घाट पर जहां आम दिनों में दुकानें और गतिविधियां रहती थीं, वहां पानी भर गया है और नावें चल रही हैं। नमो घाट भी जलमग्न हो चुका है।

 

मणिकर्णिका घाट की छत पर अंतिम संस्कार

गंगा का जलस्तर बढ़ने का असर वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर भी पड़ा है। घाट का निचला हिस्सा पानी में डूबने के कारण अंतिम संस्कार छत पर किया जा रहा है। वाराणसी में घाटों के डूबने से श्रद्धालुओं, स्थानीय कारोबारियों और नाविकों की रोजमर्रा की गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। घाटों से जुड़े कारोबार और धार्मिक आयोजनों पर भी बढ़ते जलस्तर का सीधा असर पड़ रहा है।

 

यूपी की 6 नदियां खतरे के निशान से ऊपर

लगातार बारिश के कारण उत्तर प्रदेश की कई प्रमुख नदियां उफान पर हैं। बाराबंकी, अयोध्या और गोंडा में घाघरा यानी सरयू, बदायूं और बलिया में गंगा, लखीमपुर में शारदा, प्रयागराज में टोंस, सोनभद्र में सोन और चित्रकूट में मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण 13 जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। इससे एक लाख से ज्यादा लोग प्रभावित बताए गए हैं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के सामने आवागमन और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी दिक्कतें बढ़ गई हैं।

 

66 जिलों में बारिश का अलर्ट, 29 में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने शनिवार को उत्तर प्रदेश के 66 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें 29 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। शनिवार सुबह लखनऊ, संभल, बाराबंकी समेत करीब 20 शहरों में रुक-रुककर बारिश हुई, जबकि जौनपुर, कानपुर और गाजियाबाद समेत 30 से ज्यादा शहरों में बादल छाए रहे। लखनऊ में शुक्रवार को इस सीजन की सबसे ज्यादा बारिश रिकॉर्ड हुई। शहर में 56.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि इससे पहले 15 अगस्त को 40.9 मिलीमीटर बारिश हुई थी। लगातार बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति भी बन रही है।

 

चित्रकूट में बाजार तक पहुंचा मंदाकिनी का पानी

चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का पानी बाजार तक पहुंच गया है। कई जगह सड़कों पर पानी भरने के बाद नावों का सहारा लेना पड़ रहा है। पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए गुप्त गोदावरी की दोनों गुफाओं को बंद कर दिया गया है। प्रयागराज में भी गंगा और यमुना का जलस्तर बढ़ा हुआ है। रसूलाबाद से नागवासुकी मंदिर तक जाने वाली रिवर फ्रंट रोड पानी में डूब गई है। गंगा का पानी ‘लेटे हुए’ हनुमान मंदिर कॉरिडोर तक पहुंच गया है।

 

बहराइच में सड़क पर आया मगरमच्छ

बहराइच में घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद बाढ़ का पानी आसपास के इलाकों तक पहुंच रहा है। इसी दौरान सड़क पर मगरमच्छ दिखाई दिया। इससे स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई और बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। उधर, शामली में बारिश इतनी तेज हुई कि कई सड़कें तालाब जैसी दिखाई देने लगीं। लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।

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