Hisar Safai Karmchari Strike: हिसार में तड़के 4 बजे हंगामा, कूड़ा उठाने पहुंची पुलिस और सफाई कर्मचारियों में तीखी झड़प, 35 हिरासत में

हिसार में तड़के 4 बजे हंगामा, कूड़ा उठाने पहुंची पुलिस और सफाई कर्मचारियों में तीखी झड़प, 35 हिरासत में
Hisar Safai Karmchari Strike: हिसार शहर में बीते 16 दिनों से जारी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल अब पूरी तरह से प्रशासनिक टकराव का रूप ले चुकी है। शहर भर में जगह-जगह लगे गंदगी के ढेरों को साफ करने के लिए रविवार तड़के लगभग चार बजे पुलिस और प्रशासन की टीम आईटीआई चौक पहुंची। लेकिन जैसे ही जेसीबी से कूड़ा उठाने की प्रक्रिया शुरू हुई, खबर मिलते ही दर्जनों सफाई कर्मचारी मौके पर जमा हो गए और प्रशासनिक कार्रवाई का पुरजोर विरोध शुरू कर दिया।
सड़क पर कूड़ा फेंक जताई नाराजगी
प्रशासनिक सख्ती से भड़के प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने जेसीबी के आगे आकर हंगामा शुरू कर दिया। विरोध दर्ज कराने के लिए उन्होंने जमा कूड़ा दोबारा सड़क पर बिखेर दिया, जिससे वहां से गुजरने वाले रास्ते पूरी तरह बंद हो गए। स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शनकारियों ने कूड़े के गोले बनाकर तैनात पुलिस बल और गाड़ियों की तरफ फेंकने शुरू कर दिए। देखते ही देखते आईटीआई चौक पुलिस और कर्मचारियों के बीच अखाड़ा बन गया।
महिला कर्मियों को हटाने बुलाई गई लेडी पुलिस
हंगामे में बड़ी संख्या में मौजूद महिला सफाई कर्मचारियों ने भी सरकार और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। माहौल बिगड़ता देख प्रशासन ने अतिरिक्त महिला पुलिस कर्मियों को मोर्चे पर उतारा। पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में विरोध कर रही महिला और पुरुष कर्मचारियों को खदेड़ा गया। इसके बाद करीब तीन दर्जन से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर हरियाणा रोडवेज की विशेष बसों में बैठाकर मौके से दूर ले जाया गया।
8-9 हजार की तनख्वाह में कैसे चले परिवार: कर्मचारी
मौके पर मौजूद हड़ताली कर्मचारी सोनू ने प्रशासन की इस कार्रवाई को तानाशाही करार दिया। उन्होंने कहा, “सरकार अब पुलिस बल के दम पर कूड़ा उठवाने की नौबत पर आ गई है। जिन पुलिसकर्मियों का काम जनता की सुरक्षा करना है, उनसे यह काम लिया जा रहा है। 8 से 9 हजार रुपये के मामूली वेतन में आज के दौर में परिवार पालना मुमकिन नहीं है। मंत्री स्तर पर वार्ता होने के बाद भी कोई समाधान नहीं निकाला गया, इसलिए हमारी मांगें पूरी होने तक यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है।”
शहर में स्वास्थ्य संकट गहराने का डर
लगातार 16 दिनों से जारी हड़ताल और मानसूनी बारिश के कारण हिसार के मुख्य बाजारों, चौराहों और आवासीय कॉलोनियों में स्थिति नारकीय हो चुकी है। जगह-जगह सड़ रहे कचरे से संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा मंडरा रहा है। इसी जनसमस्या को देखते हुए नगर निगम और जिला प्रशासन ने रात के अंधेरे में कूड़ा उठाने की रणनीति बनाई थी। हालांकि, पुलिस सुरक्षा के बीच तड़के शुरू हुई इस कार्रवाई के बाद कर्मचारियों का गुस्सा और बढ़ गया है, जिससे आने वाले दिनों में यह विवाद और गहराने के आसार हैं।
