August 24, 2026

Jhajjar News: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में गंवाई आंख की रोशनी, झज्जर के साहिल का दिल्ली पुलिस में जाने का सपना टूटा

0
Jhajjar News: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में गंवाई आंख की रोशनी, झज्जर के साहिल का दिल्ली पुलिस में जाने का सपना टूटा

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में गंवाई आंख की रोशनी, झज्जर के साहिल का दिल्ली पुलिस में जाने का सपना टूटा

Jhajjar News: एक तरफ खाकी वर्दी पहनकर परिवार के तंगहाली के दिन बदलने का जुनून था, तो दूसरी तरफ अपने हक की आवाज उठाने की जिद। लेकिन दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन ने झज्जर जिले के भूपनियां गांव निवासी 22 वर्षीय साहिल लोहचब की जिंदगी को अंधेरे की ओर धकेल दिया। वर्ष 2025 में दिल्ली पुलिस भर्ती धांधली के विरोध में सिटिजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) के बैनर तले आयोजित प्रदर्शन के दौरान पैरामिलिट्री फोर्स की ओर से कथित तौर पर चलाए गए पेलेट गन के छर्रों ने साहिल की दाहिनी आंख की रोशनी हमेशा-हमेशा के लिए छीन ली।

12 की उम्र से संभाला स्टीयरिंग, पढ़ाई के साथ चलाई टैक्सी

साहिल की कहानी केवल एक हादसे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संघर्षों से भरी एक युवा जिंदगी का रिपोर्ट कार्ड है। उनका परिवार करीब एक दशक पहले झज्जर से आकर दिल्ली के नजफगढ़ में किराए के मकान में रहने लगा था। पिता दीपक पोलियोग्रस्त होने के कारण दिव्यांग हैं, जिससे परिवार की माली हालत कभी ठीक नहीं रही।

छोटे भाइयों की पढ़ाई और घर का खर्च चलाने के लिए साहिल ने महज 10-12 साल की उम्र में ही ड्राइविंग सीख ली थी। वे दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन करने के साथ-साथ देर रात तक प्राइवेट टैक्सी चलाते थे और दिन में दिल्ली पुलिस भर्ती परीक्षा की तैयारी करते थे।

‘अचानक सब धुंधला हो गया और खून बहने लगा’

उस भयानक दिन को याद करते हुए साहिल बताते हैं, “मैं जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल था। तभी अचानक मेरी छाती, बाजू और दाहिनी आंख पर किसी चीज का भारी प्रहार हुआ। जब मैंने पीछे मुड़कर देखा तो नीली ड्रेस पहने एक जवान के हाथ में बड़ी बंदूक थी। कुछ ही सेकंड में मेरी आंख और चेहरे से खून बहने लगा और दाहिनी आंख से सब दिखना बंद हो गया।”

साहिल को पहले नजदीकी अस्पताल, फिर सफदरजंग और बाद में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने पुष्टि की कि छर्रे से उनकी आंख की रोशनी चली गई है।

थानों के चक्कर काटने के बाद दर्ज हुई एफआईआर

अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद जब साहिल न्याय की उम्मीद में कनॉट प्लेस और संसद मार्ग थानों के चक्कर काट रहे थे, तो कथित तौर पर उनकी शिकायत दर्ज नहीं की जा रही थी। मामले ने तब तूल पकड़ा जब लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की टीम साहिल के संपर्क में आई। राहुल गांधी ने खुद साहिल से दो बार मुलाकात की और उनके इलाज में मदद पहुंचाई।

बीते शुक्रवार को जब राहुल गांधी खुद संसद मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंचे, तब जाकर करीब छह घंटे के ड्रामे के बाद पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया। अब खाकी पहनने का सपना टूटने के बाद साहिल का परिवार भविष्य को लेकर गहरी चिंता में है।

यह भी पढ़ें– Mahendragarh News: महेंद्रगढ़ को बड़ी सौगात, सीएम नायब सैनी ने नांगल चौधरी लॉजिस्टिक हब से पहली मालगाड़ी को दिखाई हरी झंडी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed