Sonipat News: गोहाना में बिजली पोल पर करंट लगने से दो की मौके पर मौत, पुलिस ने शुरू की जांच

गोहाना में बिजली पोल पर करंट लगने से दो की मौके पर मौत, पुलिस ने शुरू की जांच
Sonipat News: एक तरफ जहां पूरा देश रक्षाबंधन के पवित्र पर्व पर खुशियां मना रहा था और बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र बांध रही थीं, वहीं हरियाणा के सोनीपत जिले स्थित गोहाना क्षेत्र से एक अत्यंत हृदयविदारक खबर सामने आई। मुड़लाना के सिवानका रोड पर स्थित एक खेत में 11 केवी बिजली लाइन का फॉल्ट ठीक करने के दौरान अचानक पावर सप्लाई चालू होने से एक बिजली कर्मचारी और किसान बुरी तरह झुलस गए। करंट का झटका इतना तेज था कि दोनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
त्योहार के दिन घटित इस त्रासदी से दो परिवारों की खुशियां पल भर में चीख-पुकार में बदल गईं। मृतकों की पहचान सिवानका गांव निवासी बिजली कर्मचारी सौरभ और मुड़लाना निवासी किसान जोगिंद्र के रूप में हुई है।
फॉल्ट ठीक करने के लिए बुलावा, और आ गई मौत की सप्लाई
प्राप्त जानकारी के अनुसार, किसान जोगिंद्र के खेत से गुजर रही बिजली की लाइन में सुबह तकनीकी खराबी (फॉल्ट) आ गई थी। फसल की सिंचाई और अन्य कार्यों के बाधित होने पर जोगिंद्र ने इसकी शिकायत बिजली निगम में दर्ज कराई थी। शिकायत मिलने के बाद बिजली कर्मचारी सौरभ फॉल्ट दूर करने के लिए मौके पर पहुंचा।
खेत में काम के दौरान सौरभ ने सहायता के लिए पास में मौजूद किसान जोगिंद्र को भी साथ लगा लिया। दोनों सीढ़ी लगाकर पोल और तारों की मरम्मत में जुटे ही थे कि अचानक लाइन में हाई-वोल्टेज बिजली दौड़ गई। बिना किसी पूर्व चेतावनी या परमिट के आई सप्लाई की चपेट में आकर दोनों मौके पर ही झुलस गए और उन्होंने दम तोड़ दिया।
परिजनों का आरोप— “11 बजे की जगह 10 बजे ही छोड़ दी बिजली, नहीं थे सुरक्षा उपकरण”
हादसे की खबर मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। परिजनों का सीधा आरोप है कि गांव में नहरी/कृषि फीडर की बिजली रोजाना सुबह 11 बजे आती है, लेकिन हादसे वाले दिन विभाग के सब-स्टेशन से सुबह 10 बजे ही बिना जांच-पड़ताल के सप्लाई चालू कर दी गई।
इसके अलावा ग्रामीणों ने बिजली निगम की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठाते हुए कहा कि फील्ड में काम करने वाले कर्मचारियों को दस्ताने, अर्थिंग रॉड या सेफ्टी बेल्ट जैसे बुनियादी सुरक्षा उपकरण तक मुहैया नहीं कराए जाते। अगर शटडाउन (परमिट) लेकर काम किया जा रहा था, तो अचानक पावर सप्लाई किसने और किसके आदेश पर चालू की?
दोनों गांवों में छाया सन्नाटा, पुलिस जांच में जुटी
त्योहार के दिन हुए इस दोहरे हादसे के बाद मुड़लाना और सिवानका दोनों ही गांवों में चूल्हे तक नहीं जले और रक्षाबंधन का जश्न पूरी तरह मातम में तब्दील हो गया।
घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों शवों को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल भिजवाया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परिजनों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया जा रहा है। सब-स्टेशन के लॉग बुक और परमिट रिकॉर्ड की जांच की जाएगी, जिसके बाद लापरवाही बरतने वाले बिजली अधिकारियों या कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
