Rohtak News: रोहतक दयानंद मठ में जुटा आर्य समाज, रामपाल के खिलाफ ‘तीसरी जंग’ की शुरुआत

रोहतक दयानंद मठ में जुटा आर्य समाज, रामपाल के खिलाफ 'तीसरी जंग' की शुरुआत
Rohtak News: रोहतक स्थित ऐतिहासिक दयानंद मठ में रविवार को आर्य प्रतिनिधि सभा हरियाणा के तत्वावधान में भव्य ‘पाखंड खंडन सम्मेलन’ का आयोजन किया गया। इस महासम्मेलन में हरियाणा समेत देश के विभिन्न राज्यों से आर्य समाज के शीर्ष विद्वान, प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में लोग जुटे। मंच से वक्ताओं ने कथित धर्मगुरु रामपाल दास की कारगुजारियों पर तीखा हमला बोलते हुए उनके खिलाफ आर-पार के संघर्ष का खुला ऐलान कर दिया।
आर्य प्रतिनिधि सभा हरियाणा के उपप्रधान उमेद शर्मा ने सम्मेलन के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए कहा कि देश और समाज में फैल रहे अंधविश्वास और पाखंड के खिलाफ आर्य समाज ने अब निर्णायक बिगुल बजा दिया है। सम्मेलन के दौरान रामपाल दास के तथाकथित पाखंड का पर्दाफाश करने के लिए विशेष रूप से आमंत्रित 7 प्रमुख विद्वानों ने उनके तर्कों की हवा निकाली।
“2006 और 2013 के बाद अब रामपाल के खिलाफ तीसरी लड़ाई का समय”
संबोधन के दौरान उमेद शर्मा ने ऐतिहासिक संदर्भों का हवाला देते हुए कहा कि आर्य समाज ने हमेशा असत्य और पाखंड का डटकर मुकाबला किया है। उन्होंने याद दिलाया, “वर्ष 2006 में करौंथा में हमने रामपाल के पाखंड के खिलाफ पहली लड़ाई लड़ी और जीती। इसके बाद 2013 में बरवाला में रामपाल के हजारों हथियारबंद समर्थकों के सामने भी आर्य समाज ने जीत हासिल की। अब रामपाल के बढ़ते पाखंड को उखाड़ फेंकने के लिए तीसरी लड़ाई का शंखनाद हो चुका है।”
उमेद शर्मा ने रामपाल की धार्मिक समझ पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिसे वेदों का मूलभूत ज्ञान तक नहीं है, वह समाज को क्या मार्गदर्शन देगा। उन्होंने तंज कसा कि 21 दिनों तक पुलिस रिमांड पर रहने वाला और 12 साल जेल की सजा काटने वाला व्यक्ति खुद को भगवान बताने का दुस्साहस कर रहा है। ऐसे व्यक्ति ने सनातन धर्म और महर्षि दयानंद की कालजयी रचना ‘सत्यार्थ प्रकाश’ को बदनाम करने का कुत्सित प्रयास किया है, जिसे आर्य समाज किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगा।
खाप पंचायतों के अपमान पर उबले सुभाष फौजी, सामाजिक बहिष्कार का आह्वान
सम्मेलन में पहुंचे वरिष्ठ समाज सेवी सुभाष फौजी ने खाप पंचायतों के सम्मान का मुद्दा जोर-शोर से उठाया। उन्होंने कहा कि रामपाल ने खाप प्रतिनिधियों की सम्मानित पगड़ी को अपने पैरों में रखवाने का काम किया है, जो पूरे हरियाणा की संस्कृति का अपमान है। इंसानियत के स्तर से नीचे गिर चुके ऐसे व्यक्ति को समाज में कोई स्थान नहीं मिलना चाहिए।
सुभाष फौजी ने खुशी जताई कि महम खाप ने पहले ही रामपाल का सामाजिक बहिष्कार कर दिया है, और अब समय आ गया है कि हरियाणा की तमाम खाप पंचायतें आगे आकर इस बहिष्कार को व्यापक रूप दें। सम्मेलन के अंत में वक्ताओं ने एकसुर में आह्वान किया कि सनातन धर्म, वेदों और महर्षि दयानंद के विचारों पर हमला करने वाले तत्वों को समाज से पूरी तरह अलग-थलग किया जाएगा।
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