Ambala News: कालका-शिमला रूट पर बड़ा हादसा टला, गुम्मन-कोटी के बीच धंसा रेलवे ट्रैक, बसों से निकाले गए 390 यात्री

कालका-शिमला रूट पर बड़ा हादसा टला, गुम्मन-कोटी के बीच धंसा रेलवे ट्रैक
Ambala News: हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर रेल यातायात की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। 29 अगस्त की देर रात हुई भारी बारिश की वजह से अंबाला रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले कालका-शिमला हेरिटेज रूट पर गुम्मन और कोटी रेलवे स्टेशनों के बीच बड़ा हादसा टल गया। यहां ब्रिज नंबर 57 के पास रेलवे ट्रैक के नीचे से अचानक मिट्टी और मलबा बह गया, जिससे पटरियों को भारी नुकसान पहुंचा है।
रेलवे विभाग को जैसे ही ट्रैक धंसने की खबर मिली, तुरंत हड़कंप मच गया और आनन-फानन में इस रूट पर ट्रेनों का संचालन रोककर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।
यात्रियों की सुरक्षा प्राथमिकता, 4 ट्रेनों से 390 यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया
अंबाला रेल मंडल के वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक (DCM) यशनजीत सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही सबसे पहले यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई। उस वक्त रूट पर चल रही चार अलग-अलग ट्रेनों को तुरंत नजदीकी और सुरक्षित स्टेशनों पर रोक दिया गया। इन ट्रेनों में विदेशी पर्यटकों सहित कुल 390 यात्री सवार थे।
रेलवे प्रशासन ने सूझबूझ का परिचय देते हुए ट्रेनों को ऐसे स्टेशनों पर रोका, जहां से सड़क मार्ग का संपर्क बेहतर था। इसके बाद धर्मपुर, कोटी और सोलन से विशेष बसों व टैक्सियों का इंतजाम कर सभी 390 यात्रियों को सुरक्षित कालका रेलवे स्टेशन पहुंचाया गया।
कालका में भोजन का प्रबंध, कनेक्टिंग ट्रेनों का समय बदला
कालका स्टेशन पहुंचने पर रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों के लिए भोजन, पानी और स्नैक्स की समुचित व्यवस्था की। लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को असुविधा न हो, इसके लिए कालका-हावड़ा कनेक्टिंग ट्रेन के समय में भी फेरबदल (रिशेड्यूल) किया गया ताकि कालका पहुंचे यात्री आसानी से अपनी आगे की ट्रेन पकड़ सकें।
कंट्रोल रूम से वरिष्ठ अधिकारी पल-पल की स्थिति पर नजर बनाए हुए थे। रेलवे की इस त्वरित और बेहतर व्यवस्था की विदेशी पर्यटकों ने भी दिल खोलकर तारीफ की और पूरी टीम का आभार जताया।
युद्धस्तर पर जारी है मरम्मत कार्य, 1 सितंबर तक सभी ट्रेनें रद्द
फिलहाल प्रभावित रेलवे ट्रैक की मरम्मत का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। रेलवे इंजीनियरों और श्रमिकों की टीम मिट्टी के भराव और ट्रैक को मजबूत करने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि अगर मौसम ने साथ दिया तो अगले दो से तीन दिनों के भीतर ट्रैक को पूरी तरह दुरुस्त कर लिया जाएगा।
हालांकि, यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए रेलवे ने 1 सितंबर तक इस सेक्शन की सभी ट्रेनों को रद्द करने का फैसला लिया है। 1 सितंबर के बाद मौसम के मिजाज और ट्रैक की मजबूती का जायजा लेने के बाद ही ट्रेनों के दोबारा संचालन पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
यह भी पढ़ें– हरियाणा विधानसभा में दूसरा दिन भी हंगामेदार, अनिल विज के ‘सज्जन सिंह’ बयान पर उबला विपक्ष
