Bhiwani Electricity Workers Protest: हरियाणा के भिवानी जिले में सरकार की निजीकरण नीतियों के खिलाफ बिजली कर्मचारियों का गुस्सा अब सडकों पर फूटने लगा है। सोमवार को ‘संयुक्त मोर्चा’ के बैनर तले लोहारू स्थित बिजली बोर्ड कार्यालय परिसर में कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। चारों प्रमुख बिजली यूनियनों के अध्यक्षों की संयुक्त अगवाई में जुटे कर्मचारियों ने साफ कर दिया कि वे सार्वजनिक बिजली तंत्र को किसी भी सूरत में निजी हाथों में नहीं जाने देंगे।
‘पैरेलल लाइसेंस’ के जरिए निजीकरण का आरोप
प्रदर्शनकारी कर्मचारी नेताओं ने आरोप लगाया कि संयुक्त मोर्चा के साथ कई दौर की वार्ताओं के बावजूद सरकार चुपके से हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (HERC) के नियमों में फेरबदल कर रही है। नेताओं का दावा है कि ‘पावर-11’ नाम की निजी कंपनी को बिजली वितरण का ‘पैरेलल लाइसेंस’ (समांतर लाइसेंस) थमाने की तैयारी अंतिम चरण में है।
कर्मचारी प्रतिनिधियों ने कहा कि यह कदम सार्वजनिक क्षेत्र के बिजली निगमों को खोखला कर पूरी वितरण व्यवस्था को निजी कॉरपोरेट्स के हवाले करने की एक सोची-समझी रणनीति है, जिसका डटकर मुकाबला किया जाएगा।
‘सार्वजनिक बिजली व्यवस्था आम जनता का अधिकार’
सभा को संबोधित करते हुए कर्मचारी नेताओं ने इतिहास की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि बिजली बोर्ड और निगमों की स्थापना का मुख्य उद्देश्य मुनाफा कमाना नहीं, बल्कि प्रदेश के आखिरी व्यक्ति तक सस्ती, सुचारू और निर्बाध बिजली पहुंचाना था।
बिजली कर्मचारी सालों से विपरीत परिस्थितियों में दिन-रात काम करके इस ढांचे को संभाल रहे हैं। अगर इस सेवा का निजीकरण किया गया, तो यह न केवल कर्मचारियों के अधिकारों पर हमला होगा, बल्कि आम उपभोक्ताओं की जेब पर भी भारी डाका पड़ेगा। नेताओं ने जोर देकर कहा कि सरकार को निगमों को बेचने के बजाय उन्हें मजबूत करने के लिए संसाधन जुटाने चाहिए।
अनिश्चितकालीन हड़ताल का अल्टीमेटम
दफ्तर परिसर में घंटों चली नारेबाजी के बीच कर्मचारी नेताओं ने सरकार को दो टूक चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि संयुक्त मोर्चा को वार्ता के लिए बुलाकर पैरेलल लाइसेंस देने का फैसला वापस नहीं लिया गया और लंबित समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं निकाला गया, तो पूरे हरियाणा के बिजली कर्मचारी कामकाज ठप कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे।
इस विरोध प्रदर्शन में बिजली निगम के विभिन्न संगठनों से जुड़े कर्मचारी और अधिकारी बड़ी संख्या में शामिल हुए। मौके पर राजेश (जेई), रवि (जेई), नरेंद्र (सीए), रविंद्र, विनोद (एएफएम), राकेश (एएफएम), रणबीर (एएलएम), दिनेश (जेई), प्रमोद (एएलएम) और राजेश समेत कई प्रमुख कर्मचारी मुस्तैद रहे।

