Ambala News: अंबाला जेल में लगे नए जैमर और 96 CCTV, अब परिंदा भी नहीं मार सकेगा पर

अंबाला जेल में लगे नए जैमर और 96 CCTV
Ambala News: अंबाला की अति-संवेदनशील सेंट्रल जेल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जेल प्रशासन ने अब तक का सबसे बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। अतीत में कई वजहों से विवादों और सुर्खियों में रही इस जेल को अब अभेद्य किले में तब्दील कर दिया गया है। जेल के भीतर से अवैध नेटवर्क और संदिग्ध गतिविधियों पर पूरी तरह नकेल कसने के लिए आधुनिक तकनीक और मैनपावर का डबल सिक्यॉरिटीज कवच तैयार किया गया है।
जेल प्रशासन की इस नई पहल के बाद दावा किया जा रहा है कि सुरक्षा के लिहाज से अंबाला सेंट्रल जेल का रिकॉर्ड अब तेजी से सुधरने लगा है।
96 सीसीटीवी कैमरों की नजर में हर कोना, नए जैमर ने ठप किया नेटवर्क
अंबाला जेल में सुरक्षा का सबसे बड़ा बदलाव मोबाइल कनेक्टिविटी को लेकर किया गया है। अक्सर जेलों के भीतर से मोबाइल के इस्तेमाल की आने वाली शिकायतों को जड़ से खत्म करने के लिए नए और बेहद प्रभावी जैमर स्थापित किए गए हैं। इन जैमरों के चालू होने से जेल परिसर के अंदर किसी भी तरह का मोबाइल नेटवर्क काम नहीं कर सकेगा।
इसके साथ ही डिजिटल सर्विलांस को मजबूत करते हुए पूरे परिसर में 96 हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों के जरिए जेल की मुख्य दीवारों, बैरकों, कैंटीन और मुख्य प्रवेश द्वारों की 24 घंटे रियल-टाइम निगरानी की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि 96 कैमरों के आने के बाद अब जेल का कोई भी ब्लाइंड स्पॉट या कोना मॉनिटरिंग से बाहर नहीं बचा है।
मैनुअल सिक्योरिटी भी सख्त, प्रवेश से निकास तक कड़ी निगरानी
सिर्फ मशीनों के भरोसे रहने के बजाय प्रशासन ने ग्राउंड सिक्योरिटी यानी मैनुअल पहरे को भी पूरी तरह अपग्रेड कर दिया है। जेल के एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर विशेष रूप से प्रशिक्षित (विशेष ट्रेनिंग प्राप्त) पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है।
अब जेल के भीतर आने वाले मुलाकातियों, कर्मचारियों और वाहनों की कई स्तरों पर गहन तलाशी ली जा रही है। हर छोटी-से-छोटी गतिविधि का रिकॉर्ड दर्ज किया जा रहा है ताकि किसी भी तरह की संदिग्ध वस्तु या अनधिकृत व्यक्ति का जेल के अंदर प्रवेश नामुमकिन हो सके।
सुरक्षा सुधार से सुधरेगी जेल की साख
गौर करने वाली बात यह है कि अंबाला सेंट्रल जेल पिछले कुछ समय से कई संवेदनशील मामलों, कैदियों के बीच झड़प और अन्य गड़बड़ियों को लेकर लगातार चर्चा में रही है। ऐसे में जेल के प्रशासनिक ढांचे पर उठ रहे सवालों के बीच यह मल्टी-लेयर सिक्योरिटी सिस्टम लागू किया गया है।
जेल अधिकारियों का मानना है कि नए जैमर, 96 कैमरों के ग्रिड और अलर्ट जवानों के इस त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरे के बाद जेल के भीतर अनुशासन और सुरक्षा व्यवस्था पहले से कहीं ज्यादा मजबूत और दुरुस्त नजर आएगी।
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