हल्द्वानी ‘शुद्धीकरण’ विवाद पर खरगे का नड्डा को पत्र: बोले- यह छुआछूत का मामला, धामी को FIR के निर्देश दें

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे
Haldwani News: उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद सभास्थल के कथित ‘शुद्धीकरण’ का विवाद फिर सामने आया है। खरगे ने गुरुवार को केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा को पत्र लिखकर मामले में FIR दर्ज कराने की मांग की।
मामला हल्द्वानी के रामलीला मैदान का है, जहां 8 अगस्त को खरगे की सभा हुई थी। कांग्रेस का आरोप है कि सभा के बाद कुछ लोगों ने परिसर का कथित तौर पर ‘शुद्धीकरण’ किया और इसमें भाजपा तथा RSS से जुड़े लोग शामिल थे। भाजपा ने इन आरोपों से इनकार किया है।
खरगे बोले– यह शुद्धीकरण नहीं, छुआछूत
खरगे ने इस घटना को दलित समुदाय की भावनाओं से जोड़ते हुए कहा कि यह केवल कांग्रेस अध्यक्ष या उनके पद का मामला नहीं है। उनके मुताबिक, यह करोड़ों दलितों की भावनाओं से जुड़ा सवाल है।
खरगे ने कहा कि इसे ‘शुद्धीकरण’ कहना सही नहीं है, बल्कि यह छुआछूत है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की चुप्पी पर भी सवाल उठाया और पूछा कि वे इस मामले पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे हैं।
नड्डा के पुराने आश्वासन का दिया हवाला
खरगे ने अपने पत्र में 13 अगस्त को राज्यसभा में इस मामले को उठाए जाने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस समय जेपी नड्डा ने मामले की जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया था।
खरगे के मुताबिक, राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने भी घटना की निंदा करते हुए ऐसे मामलों को गंभीरता से लेने की बात कही थी। अब खरगे ने नड्डा से आग्रह किया है कि वह उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को निर्देश देकर FIR दर्ज कराने की कार्रवाई सुनिश्चित करें।
24 दिन बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप
कांग्रेस अध्यक्ष ने पत्र में हैरानी जताई कि कथित ‘शुद्धीकरण’ की घटना के 24 दिन बाद भी कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके उलट राहुल गांधी के खिलाफ मामला दर्ज कर दिया गया, जबकि वह लगातार दलितों और वंचित वर्गों से जुड़े मुद्दे उठाते रहे हैं।
खरगे ने कहा कि कांग्रेस इस मामले को राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन के सामने भी उठाएगी। उन्होंने संकेत दिया कि पार्टी इस मुद्दे को आगे भी राजनीतिक और संसदीय स्तर पर उठाती रहेगी।
खरगे ने PM मोदी और अमित शाह पर साधा निशाना
नड्डा को पत्र भेजने के बाद खरगे ने संवाददाताओं से बातचीत में प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा। उन्होंने सवाल किया कि प्रधानमंत्री इस मामले पर चुप क्यों हैं और अगर ऐसी घटना उनके साथ हुई होती तो क्या वह भी चुप रहते।
खरगे ने कहा कि अमित शाह भी इस मामले पर चुप हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दलितों और दूसरे वंचित वर्गों के मुद्दे उठाने पर विपक्षी नेताओं के खिलाफ FIR दर्ज कर उन्हें हतोत्साहित करने की कोशिश की जाती है।
बोले– हम डरने वाले नहीं
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी इस तरह की कार्रवाई से डरने वाली नहीं है। उन्होंने राहुल गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि राहुल को देश के लोगों की चिंता है और अगर इसके लिए उन्हें सजा देने की कोशिश की जाती है तो कांग्रेस उसके खिलाफ मजबूती से लड़ाई लड़ेगी।
खरगे ने लोगों से राहुल गांधी और उनके सिद्धांतों के साथ खड़े होने की अपील भी की। उन्होंने भाजपा पर हर मुद्दे का राजनीतिक ध्रुवीकरण करने का आरोप लगाया।
भाजपा ने आरोपों से किया इनकार
इस पूरे विवाद में कांग्रेस ने कथित ‘शुद्धीकरण’ में भाजपा और RSS से जुड़े लोगों के शामिल होने का आरोप लगाया है। वहीं भाजपा ने इन आरोपों को खारिज किया है।
फिलहाल खरगे ने मामले में FIR दर्ज कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। कांग्रेस का कहना है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो वह इस मुद्दे को राज्यसभा के सभापति के सामने भी उठाएगी।
