September 4, 2026

Yamunanagar News: यमुनानगर में उग्र हुआ हड़ताली कर्मचारियों का गुस्सा, नगर निगम पर मुंडन कराकर सरकार को ललकारा

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Yamunanagar News: यमुनानगर में उग्र हुआ हड़ताली कर्मचारियों का गुस्सा, नगर निगम पर मुंडन कराकर सरकार को ललकारा

यमुनानगर में उग्र हुआ हड़ताली कर्मचारियों का गुस्सा, नगर निगम पर मुंडन कराकर सरकार को ललकारा

Yamunanagar News: हरियाणा सरकार की वादाखिलाफी और दमकल विभाग के कर्मचारियों पर गाज गिराने के विरोध में चल रही हड़ताल अब आर-पार की लड़ाई में बदल गई है। नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा और हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन के संयुक्त आह्वान पर चल रहे आंदोलन के 30वें दिन शुक्रवार को यमुनानगर में कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा। नगर निगम कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से अपना सिर मुंडवाकर राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।

एक दिन पहले ही गुरुवार को कर्मचारियों ने सुबह 7 बजे से 11 बजे तक नगर निगम दफ्तर पर ताला जड़कर कामकाज ठप कर दिया था। कर्मचारियों का साफ कहना है कि जब तक उनकी सभी जायज मांगें पूरी नहीं होतीं और दमकलकर्मियों पर की गई बर्खास्तगी व निलंबन की कार्रवाई वापस नहीं ली जाती, आंदोलन रुकने वाला नहीं है।

दमकल और सफाई कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से कराया मुंडन

शुक्रवार सुबह नगर निगम परिसर में जारी धरने के दौरान उस समय माहौल और तनावपूर्ण हो गया जब कर्मचारियों ने मुंडन कराने का फैसला किया। सफाई कर्मचारियों में श्याम लाल, जसबीर, नरेंद्र, नरेश, रमेश, संजय और विक्की ने अपना सिर मुंडवाया, तो वहीं दमकल विभाग की ओर से सुखबीर और कुलदीप ने भी मुंडन कराकर सरकार की नीतियों का कड़ा विरोध किया।

मुंडन कराने वाले कर्मचारियों का कहना था कि सरकार पिछले काफी समय से उनकी जायज मांगों की अनदेखी कर रही है। आंदोलनरत कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि प्रशासन और सरकार संवाद का रास्ता निकालने के बजाय तानाशाही रवैया अपनाते हुए कर्मचारियों पर निलंबन जैसी दंडात्मक कार्रवाई कर रही है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

‘खैरात नहीं, पक्के रोजगार का लिखित आदेश चाहिए’

कर्मचारियों ने सरकार द्वारा सफाई कर्मचारियों को ‘संविदा कर्मचारी सेवा सुरक्षा अधिनियम, 2024’ के तहत 60 वर्ष की आयु तक सेवा सुरक्षा और वेतन वृद्धि देने के फैसले को पूरी तरह खारिज कर दिया है। यूनियन के नेताओं का कहना है कि कर्मचारियों को सरकार से कोई खैरात या आधी-अधूरी राहत नहीं चाहिए, बल्कि उन्हें सम्मानजनक और पक्के रोजगार का संवैधानिक अधिकार चाहिए।

यूनियन के प्रांतीय और स्थानीय पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि केवल जबानी बयानों या आधी-अधूरी घोषणाओं से काम नहीं चलेगा। जब तक संघ के मांग-पत्र में शामिल सभी बिंदुओं पर सरकार लिखित आदेश जारी नहीं करती और बर्खास्त कर्मचारियों की बहाली नहीं होती, तब तक यह अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी। जरूरत पड़ने पर आने वाले दिनों में आंदोलन को पूरे प्रदेश स्तर पर और ज्यादा उग्र किया जाएगा।

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