Narnaul : नारनौल में नगर पालिका कर्मचारियों की हड़ताल का 37वां दिन, महापंचायत के समर्थन से आंदोलन हुआ और तेज

महापंचायत में उपस्थित कर्मचारी नेता धरने को संबोधित करते हुए
Narnaul : नारनौल नगर परिषद कार्यालय में नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर चल रहा कर्मचारियों का धरना लगातार 37वें दिन भी जारी रहा। इस विरोध प्रदर्शन की अध्यक्षता नारनौल इकाई का प्रधान भूपेंद्र सारवान ने की। इस दौरान विभिन्न कर्मचारी संगठनों और किसान नेताओं ने पहुंचकर इस आंदोलन को अपना खुला समर्थन दिया, जिससे स्थानीय स्तर पर यह संघर्ष और अधिक व्यापक हो गया है।
प्रमुख मांगें और सरकार पर तानाशाही का आरोप
कर्मचारी नेताओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि जब तक कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, कौशल रोजगार निगम के कर्मचारियों को पक्का रोल पर लाने, डोर-टू-डोर गारबेज कलेक्शन कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन देने और ठेका प्रथा को पूरी तरह समाप्त करने जैसी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका यह हड़ताल जारी रहेगी।
कर्मचारियों ने हरियाणा सरकार पर हठधर्मिता और तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह हड़ताल उन्होंने खुद नहीं चुनी, बल्कि सरकार की नीतियों ने उन्हें इसके लिए मजबूर किया है। यदि सरकार चाहती, तो वह 13 मई 2026 को कर्मचारियों के साथ हुए समझौते को समय रहते लागू कर सकती थी।

महापंचायत में कई संगठनों ने दिया समर्थन
हड़ताल के 37वें दिन नारनौल नगर परिषद परिसर में आयोजित महापंचायत में विभिन्न संगठनों के दिग्गज नेताओं ने शिरकत कर अपनी एकजुटता दिखाई। इस दौरान सीटू जिला सचिव रोहतास सिंह, जिला संयोजक हरिराम सिंह, किसान नेता धर्मेंद्र मास्टर, पूर्व अध्यापक संघ जिला प्रधान मास्टर शेर सिंह, पूर्व पार्षद सतीश कुमार, पूर्व प्रधान करतार सिंह जेदिया, तोताराम, भीम आर्मी के जिला उपाध्यक्ष राजेश जाटीवाल, आशा वर्कर जिला प्रधान सुशीला, संतोष, राधेश्याम, संकल्प फाउंडेशन से जुड़े प्रतिनिधि, सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान कौशल यादव, नगर पालिका के जिला प्रधान राहुल सारवान, अग्निशमन विभाग नारनौल के प्रधान गुर्जर शर्मा, एसकेएस के पूर्व सचिव महेंद्र बोयत, मीडिया प्रभारी कृष्ण, नसीबपुर नगर पालिका कर्मचारी संघ इकाई के प्रतिनिधि सहित अनेक प्रमुख नेता उपस्थित रहे। वक्ताओं ने एक स्वर में सरकार से मांग की कि कर्मचारियों की सभी जायज मांगों को तुरंत प्रभाव से स्वीकार किया जाए।
मौजूद प्रमुख पदाधिकारी और महिला कार्यकर्ता
इस लंबे संघर्ष और धरने को सुचारू रूप से चलाने में नारनौल इकाई के उप प्रधान भीम सिंह, इकाई सचिव महेंद्र दायमा, इकाई कैशियर मनोज बोयत, पूर्व इकाई प्रधान रमेश कुमार, निरंजन लाल, रोशन, हरिओम, विक्रम, अशोक, सुनील कुमार, इंद्र सिंह, रविकांत, राकेश कुमार, प्रदीप कुमार, हवा सिंह, कमल, विनोद, सोनू, अमर सिंह, रोशन, दौलत, नीरज, दीपक और सुनील बोयत सहित भारी संख्या में सदस्य (मंजू, सुशीला, पूनम, रेखा, उषा, कृष्णा, उर्मिला, बबली, सरोज, बबीता, सनोक, शीला देवी और मोनिका) अपनी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
यह भी देखें – नारनौल में सीआईए पुलिस का एक्शन, 13 ग्राम चिट्टे के साथ तस्कर गिरफ्तार
