Kurukshetra News: कुरुक्षेत्र में सफाई हड़ताल खत्म होते ही नया विवाद, 250 से ज्यादा कर्मचारियों की जॉइनिंग ठेकेदारों ने रोकी

कुरुक्षेत्र में सफाई हड़ताल खत्म होते ही नया विवाद, 250 से ज्यादा कर्मचारियों की जॉइनिंग ठेकेदारों ने रोकी
Kurukshetra News: धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल खत्म होने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली ही थी कि सफाई व्यवस्था पूरी तरह पटरी पर लौटने से पहले एक नया प्रशासनिक बखेड़ा खड़ा हो गया। शहर को कचरा मुक्त करने का काम शुरू तो हुआ, लेकिन जिलेभर के 250 से ज्यादा ठेका कर्मचारियों की जॉइनिंग पर ठेकेदारों और एजेंसियों ने पेंच फंसा दिया है। इससे हड़ताल खत्म होने के बाद भी कर्मचारियों और ठेकेदारों के बीच सीधा टकराव शुरू हो गया है।
थानेसर में चला ‘ऑपरेशन क्लीन’, लेकिन 185 कर्मी रहे बाहर
दूसरी तरफ, थानेसर नगर परिषद के करीब 320 से अधिक नियमित और रोल कर्मचारियों ने मोर्चा संभालते हुए शहर में ‘ऑपरेशन क्लीन’ चलाया। सफाई अभियान के तहत 44 टिपर, दो जेसीबी और पांच ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की मदद से एक ही दिन में 300 टन से अधिक जमा कचरा उठाया गया। हालांकि, इस दौरान शहर में ड्यूटी देने पहुंचे 185 ठेका कर्मियों को काम पर नहीं लिया गया। इनमें 95 टिपर चालक और हेल्पर शामिल थे, जिन्हें गाड़ियों की चाबियां तक नहीं दी गईं। वहीं, सेक्टरों में काम करने वाले 90 सफाई कर्मियों को भी दोबारा तैनाती नहीं दी गई।
पिहोवा और लाडवा में भी ठप पड़ी जॉइनिंग
ठेकेदारों की इस मनमानी का असर केवल थानेसर शहर तक सीमित नहीं है। पिहोवा नगर पालिका के 28 सफाई कर्मचारियों और लाडवा के 37 से अधिक कर्मचारियों की भी जॉइनिंग लटका दी गई है। लाडवा में प्रभावित कर्मियों में टिपर ड्राइवर, हेल्पर और ढोलाई कर्मी शामिल हैं। पिहोवा में पहुंचे कर्मियों को काम की जगह तक नहीं बताई गई, जिससे वे दिनभर अधिकारियों और ठेकेदारों के चक्कर काटते रहे।
मंत्री कृष्ण बेदी से मिले कर्मचारी, सोमवार से फिर आंदोलन का अल्टीमेटम
ज्वाइनिंग न मिलने से नाराज सफाई कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल ने सफाई कर्मचारी इकाई के प्रधान सुनील लोहट की अगुवाई में कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी से मुलाकात की और उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत कराते हुए ज्ञापन सौंपा। सुनील लोहट ने बताया कि मंत्री से हुई बातचीत के बाद सोमवार तक सभी कर्मचारियों को दोबारा ड्यूटी पर समायोजित करने का आश्वासन दिया गया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शनिवार को इस सिलसिले में ठेकेदारों और नगर परिषद अधिकारियों की एक अहम बैठक रखी गई है। कर्मचारी सोमवार तक का इंतजार कर रहे हैं; यदि ठेकेदारों ने पुराने कर्मचारियों की शत-प्रतिशत वापसी नहीं कराई, तो सफाई कर्मी एक बार फिर दरी बिछाकर सड़कों पर उतरने और उग्र आंदोलन शुरू करने को मजबूर होंगे।
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