September 15, 2026

Yamunanagar News: 45 मिनट की बारिश में झीलों में तब्दील हुए यमुनानगर-जगाधरी, मटका चौक पर भरा 3 फीट पानी

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Yamunanagar News: 45 मिनट की बारिश में झीलों में तब्दील हुए यमुनानगर-जगाधरी, मटका चौक पर भरा 3 फीट पानी

45 मिनट की बारिश में झीलों में तब्दील हुए यमुनानगर-जगाधरी

Yamunanagar News: यमुनानगर-जगाधरी के जुड़वां शहरों में सोमवार सुबह मौसम का एक अलग ही मिजाज देखने को मिला। सुबह-सुबह शुरू हुई महज 45 मिनट की तेज झमाझम बारिश ने जहां लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत दी, वहीं नगर निगम की जल निकासी व्यवस्था की कलई पूरी तरह खोल कर रख दी। बारिश थमते ही शहर की सड़कें, बाजार और गलियां किसी ताल-तलैया जैसी नजर आने लगीं, जिससे पूरा यातायात तंत्र चरमरा गया।

बारिश का सबसे भयंकर असर जगाधरी के मटका चौक पर देखने को मिला, जहां देखते ही देखते लगभग तीन फीट गहरा पानी जमा हो गया। पानी का बहाव इतना तेज था कि दोपहिया वाहनों के इंजन बंद हो गए और चालकों को पैदल ही गाड़ियां खींचकर ले जानी पड़ीं।

प्रोफेसर कॉलोनी का रास्ता एहतियातन बंद, कई कॉलोनियों के घरों में घुसा पानी

यमुनानगर और जगाधरी के दर्जन भर से अधिक रिहाइशी इलाकों में स्थिति बेहद विकट हो गई। गणेश नगर, जगाधरी बस स्टैंड, ससोली रोड, प्रोफेसर कॉलोनी, ताऊ देवी लाल कॉम्प्लेक्स मार्केट और तेजली स्थित इंद्रावस कॉलोनी की सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया। प्रोफेसर कॉलोनी जाने वाली मुख्य सड़क पर पानी का जलस्तर बढ़ता देख प्रशासन ने किसी संभावित हादसे को रोकने के लिए रास्ते को बैरिकेड्स लगाकर बंद कर दिया।

वहीं जगाधरी के मुख्य बाजार और निचली कॉलोनियों में नालों का गंदा पानी लोगों के ड्राइंग रूम और आंगनों तक पहुंच गया, जिससे निवासियों को घरेलू सामान बचाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।

बारिश के तुरंत बाद खिली तीखी धूप, उमस ने छुड़ाए पसीने

पौने घंटे की मूसलाधार आफत के बाद मौसम ने अचानक फिर पलटी मारी। आसमान से बादल छंटते ही तेज धूप निकल आई, जिसने जलभराव से जूझ रहे शहरवासियों की तकलीफ को दोगुना कर दिया। सड़कों पर जमा पानी से उठने वाली भाप और तीखी धूप की वजह से वातावरण में चिपचिपी उमस इतनी बढ़ गई कि लोगों का घर से बाहर निकलना दूभर हो गया।

शहर के हर मानसून में यही हालात होने पर स्थानीय लोगों ने प्रशासन के खिलाफ तीखा आक्रोश जाहिर किया। निवासियों का कहना है कि हर साल नालों की सफाई के नाम पर सिर्फ औपचारिकता पूरी की जाती है, जिसका नतीजा आम जनता को भुगतना पड़ता है। लोगों ने मांग की है कि जल निकासी के लिए कोई ठोस और स्थायी समाधान तुरंत निकाला जाए।

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