Breaking: चीमा के घर कूच कर रही पंजाब कांग्रेस को पुलिस ने रोका, सचिन पायलट हिरासत में; बैरिकेडिंग पर चढ़े कार्यकर्ता

सचिन पायलट को चंडीगढ़ पुलिस ने हिरासत में लिया। गुलजार सुसाइड केस में पंजाब कांग्रेस ने हरपाल चीमा के घर की ओर रोष मार्च निकाला।
Breaking: चंडीगढ़ में संगरूर के गुलजार सुसाइड केस को लेकर पंजाब कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच टकराव की स्थिति बन गई। कांग्रेस ने सेक्टर-15 स्थित पंजाब कांग्रेस भवन से वित्त मंत्री हरपाल चीमा के आवास की ओर रोष मार्च निकाला। पुलिस ने रास्ते में बैरिकेडिंग कर नेताओं और कार्यकर्ताओं को रोक दिया।
प्रदर्शन के दौरान कुछ कांग्रेस कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पर चढ़ गए। इसके बाद पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। मार्च की अगुआई कर रहे पंजाब कांग्रेस के नए प्रभारी और राजस्थान के पूर्व डिप्टी CM सचिन पायलट को चंडीगढ़ पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
पायलट बोले- पंजाब की हालत पूरे देश के लिए चिंता का विषय
हिरासत में लिए जाने से पहले सचिन पायलट ने मंच से पंजाब की कानून-व्यवस्था और नशे के मुद्दे पर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि पंजाब में ‘चिट्टे’ की होम डिलीवरी हो रही है। पायलट ने गुलजार की मौत का जिक्र करते हुए कहा कि एक गरीब दलित ने अपनी जान दी और मरने से पहले वित्त मंत्री हरपाल चीमा का नाम लिया।
पायलट ने कहा कि चीमा से कांग्रेस की कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है। लेकिन जब कोई व्यक्ति अपनी जान देते समय किसी मंत्री का नाम लेता है तो इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पंजाब की स्थिति पूरे देश के लिए चिंता का विषय है। पायलट ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से कहा कि पंजाब की लड़ाई में वह आगे रहेंगे। उन्होंने मंच से कहा कि पहली लाठी वह खाएंगे और उसके बाद कार्यकर्ताओं की बारी आएगी।
राजा वड़िंग ने कहा- गुलजार को इंसाफ के लिए चीमा इस्तीफा दें
पंजाब कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि सचिन पायलट पंजाब में अपना स्वागत करवाने नहीं, बल्कि एक गरीब को इंसाफ दिलाने आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गुलजार सिंह को इंसाफ तभी मिलेगा, जब हरपाल चीमा इस्तीफा देंगे और उनके खिलाफ FIR दर्ज होगी।
वड़िंग ने दावा किया कि गुलजार के परिवार को प्रदर्शन में शामिल होने से रोका गया और उनके घर पर ताला लगा है। यह कांग्रेस की ओर से लगाया गया आरोप है। वड़िंग ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को भी चुनौती दी। उन्होंने कहा कि वह मंच पर आकर मुख्यमंत्री को घेरेंगे।
तीन महीने बाद एक मंच पर दिखे चन्नी और वड़िंग
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के भीतर चल रही खींचतान की तस्वीर भी बदली नजर आई। करीब तीन महीने बाद पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर से सांसद चरणजीत सिंह चन्नी तथा पंजाब कांग्रेस प्रधान राजा वड़िंग एक ही मंच पर दिखाई दिए। सचिन पायलट के एक तरफ चन्नी और दूसरी तरफ राजा वड़िंग बैठे थे। दोनों नेताओं के बीच बातचीत भी हुई। मंच से चन्नी का नाम लिए जाने पर कार्यकर्ताओं ने नारे लगाए। हालांकि, चन्नी ने अपने भाषण के दौरान राजा वड़िंग का नाम नहीं लिया।
नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने मंच से कहा कि सभी कांग्रेसी एक साथ जुट गए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस बिना किसी एक चेहरे के चुनाव लड़ेगी। उनके मुताबिक, पार्टी राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और सचिन पायलट के नाम पर वोट मांगेगी। बहुमत मिलने के बाद मुख्यमंत्री के चेहरे पर फैसला हाईकमान करेगा।
वड़िंग के भाषण के दौरान NSUI कार्यकर्ताओं ने उठाए झंडे
राजा वड़िंग के माइक संभालते ही NSUI कार्यकर्ताओं ने झंडे लहराने शुरू कर दिए। वड़िंग उन्हें बैठने के लिए कहते रहे, लेकिन कार्यकर्ता झंडे लहराते रहे।
वड़िंग ने अपने संबोधन में पहले सचिन पायलट, फिर प्रताप सिंह बाजवा और उसके बाद चरणजीत सिंह चन्नी का नाम लिया। उन्होंने सुखजिंदर सिंह रंधावा का भी उल्लेख किया। चन्नी और बाजवा को सम्मानित नेता बताते हुए वड़िंग ने मंच से कांग्रेस की एकजुटता दिखाने की कोशिश की।
चंडीगढ़ में कई रास्तों पर ट्रैफिक प्रभावित
कांग्रेस के रोष मार्च को देखते हुए चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस ने एडवाइजरी जारी की। सुबह 11:30 बजे से सेक्टर-15/16 लाइट पॉइंट से GMCH सेक्टर-16 चौक तक यातायात प्रभावित रहने की जानकारी दी गई।
इसके अलावा मध्य मार्ग पर GMCH सेक्टर-16 चौक से PGI चौक तक भी ट्रैफिक प्रभावित रहने की बात कही गई। ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से इन रास्तों के बजाय वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की अपील की।
