जोधपुर एयरबेस पर तरंग शक्ति-2026 का ऑपरेशनल फेज, 12 अक्टूबर तक चलेगा अभ्यास; 8 देशों के विमान दिखाएंगे ताकत
भारत-अमेरिका समेत 8 देशों की वायु सेनाएं एक मंच पर
Jodhpur air force station: राजस्थान के जोधपुर स्थित एयर फोर्स स्टेशन पर बहुराष्ट्रीय हवाई युद्धाभ्यास तरंग शक्ति-2026 का ऑपरेशनल फेज शुरू हो गया है। रविवार को एयर मार्शल पीवी शिवानंद ने औपचारिक रूप से अभ्यास का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न देशों से आए दलों के कमांडरों को आधिकारिक एक्सरसाइज पैच वितरित किए। उद्घाटन समारोह के बाद दिन का समापन राजस्थानी संस्कृति की भव्य प्रस्तुति के साथ हुआ। इस आयोजन के जरिए विदेशी मेहमानों को राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत से रूबरू कराया गया। अभ्यास का उद्देश्य भागीदार देशों के बीच सैन्य सहयोग, आपसी समन्वय और हवाई अभियानों की क्षमता को बढ़ाना है। 26 सितंबर से शुरू हुआ यह युद्धाभ्यास 12 अक्टूबर तक चलेगा। रविवार से इसके ऑपरेशनल फेज की औपचारिक शुरुआत हुई है। इस दौरान भारतीय वायुसेना के साथ मित्र देशों के विमान विभिन्न हवाई अभियानों में हिस्सा लेंगे और अपनी परिचालन क्षमताओं का प्रदर्शन करेंगे।
F-35, राफेल और F-16 समेत आधुनिक विमानों की भागीदारी
तरंग शक्ति-2026 में भारत समेत आठ देशों की वायु सेनाएं हिस्सा ले रही हैं। इनमें अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, संयुक्त अरब अमीरात, फ्रांस, जर्मनी, श्रीलंका और बांग्लादेश शामिल हैं। इसके अलावा 32 से अधिक देश इस सैन्य अभ्यास में पर्यवेक्षक के तौर पर शामिल हुए हैं। अभ्यास में आधुनिक लड़ाकू विमानों के साथ सैन्य परिवहन और हवा में ईंधन भरने वाले विमानों की क्षमताएं भी देखने को मिलेंगी। इसमें F-35 लाइटनिंग II, राफेल और F-16 जैसे लड़ाकू विमान शामिल हैं। इनके अलावा A400M और C-130J जैसे सैन्य परिवहन विमान तथा MRTT और KC-30A जैसे एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग विमान भी अभ्यास का हिस्सा हैं। अलग-अलग देशों के विमान एक साथ हवाई अभियानों में हिस्सा लेकर अपनी परिचालन प्रक्रियाओं और अनुभवों को साझा करेंगे। इससे भागीदार वायु सेनाओं को एक-दूसरे की कार्यप्रणाली समझने और संयुक्त अभियानों के दौरान समन्वय बेहतर बनाने का अवसर मिलेगा।
‘पावर इन पार्टनरशिप’ है अभ्यास की मुख्य थीम
इस बार तरंग शक्ति की मुख्य थीम ‘पावर इन पार्टनरशिप’ रखी गई है। इसका उद्देश्य भागीदार देशों के बीच आपसी सहयोग और सैन्य क्षमता को मजबूत करना है। अभ्यास में लड़ाकू विमानों के अलावा परिवहन और हवा में ईंधन भरने वाले विमानों की भागीदारी से विभिन्न तरह के हवाई अभियानों का अनुभव साझा किया जाएगा। 2024 में आयोजित पहले संस्करण के बाद 2026 में जोधपुर में हो रहा यह अभ्यास भारत और भागीदार देशों की वायु सेनाओं को एक साझा मंच उपलब्ध करा रहा है। इसमें अलग-अलग देशों के पायलट और सैन्य दल संयुक्त अभियानों की प्रक्रियाओं से जुड़ेंगे। अभ्यास के दौरान विदेशी प्रतिनिधिमंडलों को भारत के रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र से जुड़ी गतिविधियों को देखने का अवसर भी मिलेगा।
वायुसेना ने युद्धाभ्यास में हिस्सा लेने आए विदेशी दलों और भारतीय वायुसेना के जवानों के लिए कई सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियां भी रखी हैं। इसके तहत विदेशी प्रतिनिधिमंडलों को भारत के स्वदेशी एयरोस्पेस और रक्षा विनिर्माण क्षेत्र से परिचित कराने के लिए डिफेंस एक्सपो और इंडस्ट्री टूर आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा परमवीर चक्र विजेता निर्मलजीत सिंह सेखों की स्मृति में 4 अक्टूबर को सेखों मैराथन आयोजित होगी। इस आयोजन की तैयारियों को लेकर रविवार को जिला प्रशासन और वायुसेना अधिकारियों के बीच बैठक भी हुई। बैठक में मैराथन के रूट, ट्रैफिक प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और आयोजन से जुड़ी अन्य तैयारियों पर चर्चा की गई। विदेशी मेहमानों को राजस्थान की विरासत से परिचित कराने के लिए हेरिटेज टूर और हेरिटेज वॉक भी आयोजित किए जा रहे हैं। वहीं, प्रतिभागियों की फिटनेस और आपसी मेलजोल के लिए रोजाना योग सत्र रखे गए हैं। इन गतिविधियों के जरिए सैन्य अभ्यास के साथ सांस्कृतिक आदान-प्रदान और अंतरराष्ट्रीय सहभागिता को भी जगह दी जा रही है।
