August 2, 2026

Karnal News: रात 12 बजे अचानक लगी आग, बुजुर्ग ऋषिपाल का एकमात्र रोजगार और जमापूंजी नष्ट

0
Karnal News: रात 12 बजे अचानक लगी आग, बुजुर्ग ऋषिपाल का एकमात्र रोजगार और जमापूंजी नष्ट

शॉर्ट सर्किट से कॉस्मेटिक दुकान जलकर खाक, बेटी के गहने भी स्वाहा

Karnal News: करनाल के ग्रामीण अंचल रम्बा से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है, जहां एक गरीब परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। रम्बा गांव के रहने वाले ऋषिपाल के घर में बीती रात करीब 12 बजे अचानक बिजली चली गई। अमूमन ग्रामीण इलाकों में रात को कट लगना आम बात है, इसलिए ऋषिपाल सहज भाव से कारण जानने के लिए कमरे से बाहर आए। लेकिन बाहर का मंजर देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। घर के अगले हिस्से में बनी उनकी कॉस्मेटिक की दुकान से आग की ऊंची-ऊंची लपटें उठ रही थीं। जब तक आसपास के ग्रामीण इकट्ठा होते और आग पर काबू पाने की कोशिश की जाती, तब तक सब कुछ जलकर कोयला हो चुका था।

एक ही झटके में उजड़ गया बुजुर्ग दंपत्ति का आशियाना और रोजगार

ऋषिपाल ने रूंधे गले से बताया कि उम्र के इस पड़ाव पर आकर वे और उनकी पत्नी इसी छोटी सी दुकान के सहारे अपना पेट पाल रहे थे। दुकान में भरा लाखों रुपए का सामान उनकी जमापूंजी था, जो अब पूरी तरह राख के ढेर में तब्दील हो चुका है। आंसुओं से भीगी आंखों के साथ उन्होंने बताया कि किस्मत की मार यहीं नहीं रुकी। उनकी शादीशुदा बेटी इन दिनों गर्मियों की छुट्टियों में मायके आई हुई थी। उसने अपने गहने और कुछ नकदी सुरक्षा के लिहाज से घर की अलमारी में रखे थे। आग की तपिश इतनी ज्यादा थी कि कमरे में रखी लोहे की अलमारी के भीतर मौजूद जेवरात और कैश भी जलकर खाक हो गए।

पहले से ही तंगहाली में था परिवार, सरपंच ने बयां किया दर्द

हादसे की सूचना मिलने के बाद सुबह मौके पर पहुंचे गांव के सरपंच गुरविंदर सिंह ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया। मीडिया से बातचीत करते हुए सरपंच ने कहा कि ऋषिपाल की आर्थिक स्थिति पहले से ही काफी कमजोर चल रही थी। यह दुकान ही इस बुजुर्ग दंपत्ति की आजीविका की आखिरी उम्मीद थी, जो अब शॉर्ट सर्किट की भेंट चढ़ गई। इस हादसे ने परिवार को पूरी तरह सड़क पर ला खड़ा किया है।

गांव के प्रबुद्ध नागरिकों और पंचायत ने जिला प्रशासन व स्थानीय विधायक से पुरजोर अपील की है कि इस संकट की घड़ी में कागजी कार्रवाई और तकनीकी उलझनों को दरकिनार करते हुए पीड़ित परिवार को तुरंत विशेष आर्थिक सहायता (मुआवजा) दी जाए, ताकि यह बुजुर्ग दंपत्ति एक बार फिर हिम्मत जुटाकर अपनी जिंदगी की गाड़ी को दोबारा पटरी पर ला सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed