अम्बाला ब्रेकिंग: बस स्टैंड के बाहर सरेआम चले हथियार, 9 लोग अस्पताल में भर्ती, पुलिस अलर्ट।
May 10, 2026 5:23 PM
अम्बाला। अम्बाला छावनी का बस अड्डा रविवार शाम उस वक्त रणक्षेत्र में तब्दील हो गया जब सवारियां बिठाने के वर्चस्व को लेकर दो पक्षों में खूनी खेल खेला गया। बिहार रूट की बसों में यात्रियों को बैठाने की मामूली बात से शुरू हुआ झगड़ा इतना बढ़ा कि देखते ही देखते कुल्हाड़ी, चाकू और डंडे निकल आए। इस हिंसक झड़प में जननायक जनता पार्टी (JJP) के नेता विवेक ललाना समेत दोनों पक्षों के 9 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हमले के बाद बस स्टैंड के बाहर भगदड़ मच गई और यात्री अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। सूचना मिलते ही पुलिस की भारी नफरी ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला।
पुरानी रंजिश और परमिट का पेंच
जानकारी के मुताबिक, अम्बाला से बिहार के बीच चलने वाली निजी बसों को लेकर लंबे समय से खींचतान चल रही है। एक पक्ष के सर्वजीत सिंह का आरोप है कि दूसरा पक्ष उन्हें काम करने से रोक रहा है और लंबे समय से प्रताड़ित कर रहा है। सर्वजीत के अनुसार, जब वे लालकुर्ती चौकी में शिकायत देकर लौट रहे थे, तभी उन पर घात लगाकर हमला किया गया। इस हमले में सर्वजीत, कमलजीत, विशाल और कुनाल को गंभीर चोटें आई हैं।
जजपा नेता का पलटवार: 'अवैध रूप से चल रही हैं बसें'
दूसरी ओर, घायल जजपा नेता विवेक ललाना ने आरोपों को सिरे से नकारते हुए कहा कि वे सरकार से विधिवत परमिट लेकर बसें चला रहे हैं, जबकि विपक्षी गुट बिना जरूरी दस्तावेजों के अवैध रूप से सड़कों पर बसें दौड़ा रहा है। विवेक का दावा है कि उन्हें धोखे से बातचीत के बहाने बुलाकर उन पर जानलेवा हमला किया गया। इस पक्ष से विवेक के अलावा प्रताप सिंह, जशनदीप, हेमन और लखविंदर सिंह अस्पताल में उपचाराधीन हैं।
माफिया राज और पुलिस की चुनौती
बस अड्डे जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके में सरेआम हुई इस वारदात ने कानून व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय दुकानदारों और चश्मदीदों की मानें तो बिहार रूट पर चलने वाली बसों को लेकर यहां 'माफिया राज' जैसा माहौल रहता है। अक्सर सवारियों को लेकर मारपीट की नौबत आती है, लेकिन रविवार को हुई घटना ने सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल दी है। पड़ाव थाना पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।