अंबाला में ICICI बैंक मैनेजर को ढाबे पर खिलाया खाना, फिर ₹43 लाख कैश और सोना लेकर भागा पुराना ग्राहक
Jun 12, 2026 11:29 AM
साहा। अंबाला की साहा थाना पुलिस इस समय एक ऐसे शातिर ठग की तलाश में खाक छान रही है, जिसने आईसीआईसीआई बैंक की तेपला शाखा के बड़े अधिकारियों की बुद्धिमत्ता को धता बता दिया। आरोपी कनिष्क सिंह चौहान ने बैंक को अपना शिकार बनाने के लिए बकायदा कई महीनों तक ताना-बाना बुना। उसने मुथुट फिनकॉर्प और एक निजी ज्वेलर के पास गिरवी रखे अपने सोने को आईसीआईसीआई बैंक में ट्रांसफर करवाने का लालच दिया। शुरुआत में उसने 144.8 ग्राम सोना छुड़वाया, जिसकी जांच में सोना असली निकला। इसी असली सोने को चारे के रूप में इस्तेमाल कर उसने बैंक स्टाफ का ऐसा अंधा विश्वास जीता कि अधिकारी नियम-कायदे तक भूल बैठे।
43 लाख कैश और स्कॉर्पियो गाड़ी; ऐसे रची गई साजिश
विश्वास की आड़ में खेल आगे बढ़ा और 6 जून को बाकी का 486 ग्राम सोना छुड़ाने के नाम पर बैंक वेंडर्स के जरिए कनिष्क के खाते में ₹29 लाख और ट्रांसफर कर दिए गए। ज्वेलर को कुल ₹45 लाख का नकद भुगतान होना था, जिसके लिए आरोपी ने ₹15 लाख और मांगे। बैंक की टीम इस जालसाज पर इस कदर मेहरबान थी कि अधिकारियों ने अपने व्यक्तिगत स्तर पर ₹15 लाख का इंतजाम कर उसे सौंप दिया। इसके बाद कनिष्क सोने को हॉलमार्क कराने का बहाना बनाकर बैंक मैनेजर गुलशन कुमार और लोन अधिकारी अनिल कुमार को अपनी ब्लैक स्कॉर्पियो गाड़ी में बैठाकर जगाधरी ले गया।
जगाधरी के ढाबे पर 'डिनर' डिप्लोमेसी और फिर रफूचक्कर
जगाधरी पहुंचने पर ज्वेलर की दुकान बंद मिली, जिसके बाद आरोपी दोनों बैंक अधिकारियों को पास के ही 'चौधरी ढाबे' पर ले गया। यहां उसने अधिकारियों को बड़े चाव से खाना खिलाया। खाना खाते समय कनिष्क लगातार फोन पर बात करने और सिगरेट पीने के बहाने टेबल से उठता रहा। जैसे ही अधिकारियों का ध्यान भटका, कनिष्क गाड़ी में रखा ₹43 लाख का कैश, 144.8 ग्राम असली सोना और मैनेजर का निजी पर्स-मोबाइल लेकर गायब हो गया। काफी देर तक जब वह नहीं लौटा, तब जाकर अधिकारियों को अपने साथ हुए इस बड़े धोखे का अहसास हुआ।
बदनामी का डर और तीन दिन का सन्नाटा
इस पूरी वारदात का सबसे हैरान करने वाला पहलू यह है कि बैंक के साथ इतनी बड़ी ठगी होने के बावजूद अधिकारियों ने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना नहीं दी। विभागीय कार्रवाई और सामाजिक बदनामी के डर से अधिकारी तीन दिन तक गुपचुप तरीके से अपने स्तर पर ही ठग कनिष्क को ढूंढते रहे। जब कनिष्क का कहीं कोई सुराग नहीं मिला और पानी सिर से ऊपर चला गया, तब जाकर साहा थाने में पुलिस को लिखित शिकायत दी गई। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी के खिलाफ आपराधिक विश्वासघात (धारा 316) और जालसाजी (धारा 318) के तहत मुकदमा दर्ज कर उसकी धरपकड़ के लिए टीमें रवाना कर दी हैं।