रैपिडो राइडर की आड़ में चल रहा था खूनी स्नैचर का खेल, अंबाला CIA-2 ने ऐसे किया भंडाफोड़
May 31, 2026 11:10 AM
अंबाला। अंबाला में लगातार बढ़ रही झपटमारी की वारदातों पर लगाम कसते हुए सीआईए-2 की टीम ने एक ऐसे शातिर अपराधी को दबोचा है जो अंबाला ही नहीं, बल्कि पंजाब पुलिस के लिए भी बड़ी चुनौती बना हुआ था। पुलिस के हत्थे चढ़ा यह बदमाश कोई छोटा-मोटा चोर नहीं, बल्कि हत्या के एक मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा मुल्जिम है। कुछ समय पहले ही वह माननीय उच्च न्यायालय (हाईकोर्ट) से जमानत पर जेल से बाहर आया था। बाहर आते ही उसने सुधरने की बजाय अंबाला शहर को अपना नया निशाना बनाया और एक के बाद एक स्नैचिंग की कई वारदातों को अंजाम देकर सनसनी फैला दी।
पकड़े गए आरोपी की पहचान चंडीगढ़ के सेक्टर-31 निवासी सतनाम सिंह उर्फ सत्तू (पुत्र हरबंस) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से झपटमारी के सोने के जेवरात और वारदातों में इस्तेमाल होने वाली चोरी की एक प्लैटिना मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है।
पुलिस नाका देख पुल से कूदा, पैर में आई गंभीर चोट
सीआईए-2 के इंचार्ज रवि कुमार ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस टीम को एक मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी कि एक संदिग्ध युवक चोरी की मोटरसाइकिल पर इलाके में घूम रहा है। इस सूचना पर पुलिस ने तुरंत नाकेबंदी कर वाहनों की चेकिंग शुरू कर दी। इसी बीच जब आरोपी सतनाम सिंह को रुकने का इशारा किया गया, तो उसने अपनी बाइक की रफ्तार बढ़ा दी और नाका तोड़कर भागने लगा। पुलिस को पीछा करता देख आरोपी ने घबराहट में खुद को बचाने के लिए सीधे पुल के ऊपर से नीचे छलांग लगा दी। इस आत्मघाती कदम के कारण उसके पैर में गंभीर चोट आई और वह भाग नहीं सका।
अस्पताल से छुट्टी मिलते ही पुलिस ने शुरू की सख्ती
पुल से कूदने के कारण घायल हुए सत्तू को पुलिस ने तुरंत हिरासत में लिया और नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों की निगरानी में इलाज चलने के बाद जब उसे अस्पताल से छुट्टी मिली, तो सीआईए की टीम ने उसे थाने लाकर कड़ाई से पूछताछ शुरू की। पूछताछ के दौरान आरोपी ने कबूल किया कि उसने अकेले अंबाला जिले में ही झपटमारी की 5 से 6 बड़ी वारदातों को अंजाम दिया है। आरोपी के इस कबूलेनामे के बाद पुलिस अब उन सर्राफा व्यापारियों की भी तलाश कर रही है जिन्हें वह लूटा हुआ सोना बेचता था।
नशे की तलब और रैपिडो की आड़ में गुनाह का धंधा
पुलिसिया तफ्तीश में जो सबसे चौंकाने वाली बात सामने आई है, वो यह है कि सतनाम सिंह स्नैचिंग की वारदातों को छिपाने के लिए दिन में रैपिडो बाइक टैक्सी चलाने का काम करता था ताकि किसी को उस पर शक न हो। वह बेहद खतरनाक स्तर का नशेड़ी है और अपनी इसी हेरोइन या स्मैक की लत को पूरा करने के लिए उसे रोज़ाना हज़ारों रुपयों की ज़रूरत पड़ती थी। पैसों का इंतजाम करने के लिए ही वह सरेराह महिलाओं के गले से चेन झपटता था। पुलिस अब कोर्ट से रिमांड लेकर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि जमानत पर आने के बाद उसने पंजाब या चंडीगढ़ में तो किसी बड़ी वारदात को अंजाम नहीं दिया।