लक्जमबर्ग भेजने के नाम पर 12 लाख की ठगी, अंबाला के ट्रेवल एजेंट पर केस दर्ज
May 30, 2026 10:37 AM
अंबाला। हरियाणा में युवाओं को विदेश भेजने के नाम पर ठगने वाले कबूतरबाजों का जाल कम होने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला अंबाला सिटी से सामने आया है, जहां कुरुक्षेत्र के एक युवक को सुनहरे भविष्य का सपना दिखाकर 12 लाख रुपये की मोटी रकम हड़प ली गई। जलबेड़ा रोड पर 'सन फ्लाई ओवरसीज' नाम से दफ्तर चलाने वाले शातिर एजेंट चिराग नरूला ने कुरुक्षेत्र के ज्योतिसर (जोसर) निवासी प्रिंस को यूरोप के लक्जमबर्ग भेजने का झांसा दिया था। जब पीड़ित ने भरोसे में आकर रकम चुका दी, तो आरोपी ने उसे असली की जगह फर्जी दस्तावेज थमा दिए।
दो किस्तों में ऐंठे 12 लाख, बायोमेट्रिक से लेकर वीजा तक सब निकला फर्जी
पीड़ित प्रिंस ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि विदेश जाने की चाह में उसने अंबाला स्थित सन फ्लाई ओवरसीज के संचालक चिराग नरूला से संपर्क साधा था। दोनों के बीच लक्जमबर्ग के वर्क परमिट को लेकर सौदा तय हुआ। सौदा पक्का होते ही आरोपी एजेंट ने पहली किस्त के रूप में बायोमेट्रिक प्रक्रिया का बहाना बनाकर 6 लाख रुपये ऐंठ लिए। इसके करीब दो महीने बाद एजेंट ने प्रिंस को बुलाकर एक वीजा हाथ में थमा दिया और कहा कि काम पक्का हो गया है। असली दिखने वाले इस जाली वीजा के बदले आरोपी ने बाकी बचे 6 लाख रुपये भी वसूल लिए।
पोल खुली तो दफ्तर पर ताला जड़कर भागा शातिर एजेंट
12 लाख रुपये की पूरी रकम डकारने के बाद जब पीड़ित प्रिंस ने फ्लाइट की टिकट और अपने मेडिकल सर्टिफिकेट की मांग की, तो आरोपी टालमटोल करने लगा। ज्यादा दबाव बनाने पर चिराग ने प्रिंस को एक मेडिकल रिपोर्ट थमा दी, जिसमें उसे नेगेटिव दिखाया गया था। करीब तीन महीने तक जब फ्लाइट को लेकर कोई पक्की तारीख नहीं मिली, तो प्रिंस को शक हुआ। उसने जब अपने स्तर पर दूतावास और अन्य माध्यमों से वीजा की प्रामाणिकता जांची, तो पैरों तले जमीन खिसक गई। वीजा पूरी तरह जाली और कंप्यूटर से प्रिंट किया हुआ था। ठगी का अहसास होते ही जब पीड़ित जलबेड़ा रोड स्थित दफ्तर पहुंचा, तो आरोपी वहां ताला लटकाकर फरार हो चुका था।
पुख्ता सबूतों के साथ पुलिस की शरण में पहुंचा पीड़ित, बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज
ठगी का शिकार हुए पीड़ित के पास आरोपी की हर चालबाजी का पुख्ता सबूत मौजूद है। प्रिंस ने पुलिस को बताया कि पैसे के लेनदेन के वक्त दोनों पक्षों के बीच बकायदा एक लिखित एग्रीमेंट हुआ था, जिसमें साफ लिखा था कि अगर वीजा नहीं लगा तो पाई-पाई वापस की जाएगी। इसके अलावा प्रिंस के पास ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के रिकॉर्ड और पैसे देते वक्त की वीडियो फुटेज भी है। जांच अधिकारी मांगे राम ने बताया कि पीड़ित की शिकायत के आधार पर अंबाला सिटी के थाना सदर में आरोपी चिराग नरूला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(2) ( criminal breach of trust) और 318(4) (cheating) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की टीमें आरोपी के संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।