अंबाला में बड़ा हादसा: पुरानी सब्जी मंडी में जर्जर इमारत का लेंटर गिरा, मलबे में दबे तीन लोग
Jun 17, 2026 10:16 AM
अंबाला। अंबाला शहर के सबसे व्यस्त व्यावसायिक इलाकों में से एक, पुरानी सब्जी मंडी में आज उस वक्त चीख-पुकार मच गई जब एक जर्जर इमारत की दुकान का बाहरी लेंटर अचानक ढह गया। इस दर्दनाक हादसे के वक्त दुकान के ठीक नीचे काम कर रहे तीन मजदूर मलबे की चपेट में आ गए। भरभराकर गिरते मलबे को देख आसपास के दुकानदारों और राहगीरों में हड़कंप मच गया। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अमला बिना वक्त गंवाए तुरंत मौके पर पहुंच गया।
मलबे के नीचे जिंदगियों के दबे होने की आशंका के चलते आनन-फानन में एसडीआरएफ (SDRF) की टीम को मोर्चे पर उतारा गया। राहतकर्मियों ने बेहद सूझबूझ और युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। मलबे के नीचे दबे तीन लोगों में से दो लोग किसी तरह सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे, लेकिन राकेश कुमार नाम का एक युवक भारी-भरकम मलबे के बीच बुरी तरह फंस गया था। स्थानीय लोगों की मुस्तैदी और रेस्क्यू टीम के अथक प्रयासों से राकेश को बाहर निकालकर तुरंत पास के सिविल अस्पताल पहुंचाया गया।
खतरे से बाहर घायल युवक; यूपी के रहने वाले हैं पीड़ित
अस्पताल में भर्ती कराए गए घायल राकेश कुमार की स्थिति पर डॉक्टरों ने बताया कि उसके सिर पर गंभीर चोटें आई हैं, लेकिन समय पर इलाज मिलने के कारण फिलहाल उसकी हालत खतरे से बाहर बनी हुई है। घटनास्थल पर स्थिति को संभाल रहीं कोतवाली थाना प्रभारी सुनीता ढाका ने मामले की तस्दीक करते हुए बताया कि ढह चुकी यह बिल्डिंग बेहद पुरानी और जर्जर हो चुकी थी। हादसे का शिकार हुए तीनों युवक मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं, जो यहां मंडी में सब्जी की रेहड़ी लगाकर अपना गुजारा करते थे।
थाना प्रभारी के मुताबिक, नगर निगम के रिकॉर्ड से इस जर्जर बिल्डिंग के असली मालिक का पता लगाया जा रहा है, जिसके बाद उसके खिलाफ कानूनी शिकंजा कसा जाएगा। उन्होंने यह भी साफ किया कि भविष्य में ऐसे जानलेवा हादसों की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए शहर की सभी चिन्हित जर्जर इमारतों को जल्द से जल्द खाली कराया जाएगा।
तमाशबीनों की भीड़ से रेस्क्यू में अड़चन, पूर्व मंत्री के स्टाफ ने जताया दुख
हादसे की खबर जंगल की आग की तरह फैली और देखते ही देखते पुरानी सब्जी मंडी में सैकड़ों लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। संकरी गलियों में उमड़ी इस भीड़ के चलते पुलिस और एसडीआरएफ की टीम को राहत और बचाव कार्य चलाने में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को मौके पर काफी मशक्कत करनी पड़ी।
इस बीच, हादसे की सूचना मिलते ही पूर्व राज्य मंत्री असीम गोयल के निजी सचिव और इलाके के स्थानीय पार्षद भी मौके पर स्थिति का जायजा लेने पहुंचे। उन्होंने इस घटना पर गहरा खेद व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाया। साथ ही, उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से गुहार लगाई कि शहर के रिहायशी और कमर्शियल इलाकों में मौजूद सभी खतरनाक और जर्जर इमारतों का ब्यौरा तुरंत इकट्ठा किया जाए और उन्हें अविलंब खाली करवाकर ध्वस्त करने की प्रक्रिया शुरू की जाए।