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HSGMC अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा की बढ़ी मुश्किलें, धार्मिक भावनाएं भड़काने के आरोप में FIR की मांग

May 22, 2026 10:35 AM

अंबाला। हरियाणा की धार्मिक और सामाजिक सियासत में एक बार फिर जुबानी तीर चलने से माहौल गरमा गया है। इस बार विवादों के केंद्र में हैं हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (HSGMC) के नवनियुक्त या वर्तमान अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा। झींडा द्वारा भगवान हनुमान को लेकर दिए गए एक कथित बयान ने विवाद का रूप ले लिया है। इस मामले को लेकर अंबाला में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। विश्व हिंदू तख्त के प्रमुख वीरेश शांडिल्य ने इस टिप्पणी को करोड़ों सनातनी हिंदुओं की आस्था पर सीधा प्रहार बताया है।

एसपी अजीत सिंह शेखावत से मिले हिंदू संगठन, सौंपी लिखित शिकायत

विवाद बढ़ने के बाद वीरेश शांडिल्य अपने दर्जनों समर्थकों के साथ अंबाला के पुलिस अधीक्षक (SP) अजीत सिंह शेखावत के दफ्तर पहुंचे। वहां उन्होंने एसपी को एक लिखित शिकायत सौंपकर जगदीश सिंह झींडा के खिलाफ धार्मिक भावनाएं भड़काने और समाज में वैमनस्य फैलाने की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करने की मांग की। शांडिल्य का आरोप है कि झींडा ने एक बातचीत के दौरान सरेआम कहा कि वे हनुमान जी को भगवान नहीं मानते। शांडिल्य ने दोटूक कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर किसी को भी किसी की आस्था का अपमान करने की छूट नहीं दी जा सकती।

'हिंदू-सिखों के बीच दीवार खड़ी करने की कोशिश', झींडा को पद से हटाने की वकालत

मीडिया से मुखातिब होते हुए वीरेश शांडिल्य ने तीखे तेवर अपनाए। उन्होंने कहा कि हनुमान जी देश और दुनिया के करोड़ों लोगों की अटूट आस्था के प्रतीक हैं। उनके खिलाफ की गई कोई भी अमर्यादित टिप्पणी बर्दाश्त से बाहर है। शांडिल्य ने आरोप लगाया कि झींडा और उनके पीछे खड़े कुछ कट्टरपंथी तत्व जानबूझकर ऐसे बयान दे रहे हैं ताकि हरियाणा का शांत माहौल खराब हो और हिंदू-सिख भाईचारे को कमजोर किया जा सके। उन्होंने मांग की कि झींडा की इस हरकत के लिए उन्हें तुरंत उनके धार्मिक पद से बेदखल किया जाना चाहिए।

सांझी संस्कृति का दिया हवाला, गुरु तेगबहादुर के बलिदान को किया याद

अपनी बात को तार्किक रूप से रखते हुए शांडिल्य ने दोनों समुदायों के बीच सदियों पुराने रोटी-बेटी और आस्था के रिश्ते को रेखांकित किया। उन्होंने मिसाल देते हुए कहा कि माता वैष्णो देवी, ज्वालाजी, नैना देवी और चिंतपूर्णी जैसे सनातन शक्तिपीठों पर सिख समाज के लोग भी उतनी ही श्रद्धा से माथा टेकते हैं, जितनी श्रद्धा हिंदू समाज मणिकरण साहिब में दिखाता है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि वह खुद ब्राह्मण समाज से ताल्लुक रखते हैं, लेकिन नौवें पातशाह श्री गुरु तेगबहादुर जी को पूजते हैं, क्योंकि उनके अद्वितीय बलिदान के कारण ही आज हिंदू समाज का तिलक और जनेऊ सुरक्षित है। ऐसे में इतिहास को भूलकर समाज को बांटने वाले बयान देने वालों पर तुरंत कानूनी डंडा चलना चाहिए।

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