August 2, 2026

Barnala News: बरनाला में संघेड़ा सेवा केंद्र की बिजली बिल न भरने के चलते कटी, जनरेटर ठप

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Barnala News; बरनाला में संघेड़ा सेवा केंद्र की बिजली बिल न भरने के चलते कटी, जनरेटर भी हुआ ठप

संघेड़ा सेवा केंद्र की बिजली बिल न भरने के चलते कटी, जनरेटर ठप

Barnala News: पंजाब सरकार द्वारा आम लोगों को एक ही छत के नीचे तुरंत प्रशासनिक सेवाएं देने के किए जा रहे बड़े-बड़े दावे उस समय झुठे पड़ गए, जब जिले के गांव संघेड़ा स्थित सेवा केंद्र की बिजली सिर्फ इसलिए काट दी गई क्योंकि प्रीपेड मीटर रिचार्ज नहीं करवाया गया था। बिजली कटने और लापरवाही के कारण सेवा केंद्र में जनरेटर चलाने के लिए डीजल का प्रबंध न होने से पूरा कामकाज ठप होकर रह गया है। इस केंद्र में अब बिजली गुल होने के कारण दूर-दराज से आए सैकड़ों आम लोगों, बुजुर्गों और महिलाओं को भारी परेशानी और दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। सेवा केंद्र के खराब प्रबंधों का शिकार हुए गांव ठुल्लेवाल के निवासी जगसीर सिंह ने प्रशासन के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर करते हुए बताया कि वह पिछले चार दिनों से अपने बच्चों का आधार कार्ड अपडेट करवाने के लिए यहां चक्कर काट रहा है, लेकिन हर रोज उसे निराश होकर लौटना पड़ता है।

जगसीर सिंह ने बताया कि पहले हमें कहा गया कि सुबह 7 से 9 बजे तक टोकन बांटे जाते हैं। जब हम अगले दिन सुबह 8 बजे आए तो कहा गया कि टोकन खत्म हो गए हैं और दिन में सिर्फ 60 कार्ड ही बनाए जाते हैं। आज हम तमाम दिक्कतों के बावजूद सुबह साढ़े चार बजे ही यहां आकर बैठ गए थे। मैंने खुद 65 लोगों के नाम लिखे, लेकिन अब अधिकारी कह रहे हैं कि बिजली नहीं है और जनरेटर में भी तेल खत्म हो चुका है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अब सरकारी दफ्तरों को चलाने के लिए तेल का प्रबंध आम जनता अपनी जेब से करेगी? मौके पर करीब 150 से अधिक लोग बिना काम करवाए परेशान हो रहे थे। इस पूरे मामले के संबंध में जब सेवा केंद्र की सीनियर ऑपरेटर संदीप कौर से बातचीत की गई, तो उन्होंने जमीनी हकीकत को स्वीकार करते हुए माना कि लोग कल सुबह से बहुत परेशान हैं और गुस्से में कर्मचारियों से लड़ रहे हैं। उन्होंने खुलासा किया कि सेवा केंद्र में प्रीपेड बिजली मीटर लगा हुआ है, जिसका सरकारी बैलेंस खत्म होने के कारण कल सुबह 11 बजे से बिजली आपूर्ति पूरी तरह से गुल है। जनरेटर के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा कि जनरेटर चलाने के लिए भी सिर्फ 7 फीसदी डीजल बाकी बचा था, जिस कारण कुछ समय चलने के बाद जनरेटर भी बंद हो गया।

तीन बेटों की मौत के बाद बेसहारा हुई बुजुर्ग माता रोई
सेवा केंद्र के बेरुखी वाले रवैए और बंद पड़े सिस्टम के कारण मौके पर मौजूद एक बुजुर्ग महिला मनजीत कौर अपने आंसू नहीं रोक सकी। उसने रोते हुए बताया कि उसके तीन बेटे थे, जो अब इस दुनिया में नहीं रहे। वह बिल्कुल बेसहारा है और पिछले चार दिनों से अपने एक जरूरी काम के लिए सरकारी दफ्तरों के धक्के खा रही है। बुजुर्ग माता ने आरोप लगाया कि पहले उनसे कई तरह के सबूत मांगे गए। जब वह बड़ी मुश्किल से सारे कागजात लेकर आई, तो दफ्तर वाले कह रहे हैं कि बिजली और नेट न होने के कारण काम नहीं हो सकता।

पिछले 10 दिनों से साइट्स बंद, उच्च अधिकारी बैलेंस डालने में असमर्थ
ऑपरेटर संदीप कौर ने आगे बताया कि सेवा केंद्र के सर्वर और ऑनलाइन साइट्स की समस्या तो पिछले 10 दिनों से लगातार चल रही थी, लेकिन बिजली की बड़ी समस्या कल से बनी हुई है। उन्होंने कहा कि हमने तुरंत अपने उच्च अधिकारियों को फोन पर सूचित कर दिया था, लेकिन आगे से हमें सिर्फ यह जवाब मिला है कि उन्होंने मुख्य कार्यालय को मेल कर दी है। अब जब तक मुख्य कार्यालय द्वारा मीटर में बैलेंस नहीं डाला जाता और तेल के लिए फंड नहीं आता, तब तक काम दोबारा शुरू नहीं हो सकता। हम काम करने के लिए बैठे हैं, लेकिन बिजली के बिना कंप्यूटर सिस्टम चलाने में पूरी तरह असमर्थ हैं।

डिजिटल पंजाब के दावों पर उठे सवाल, तुरंत हस्तक्षेप की मांग
इस लापरवाही से तंग आकर इकट्ठा हुए लोगों ने पंजाब सरकार और जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मांग की कि सेवा केंद्रों के ऐसे बदतर प्रबंधों की ओर तुरंत ध्यान दिया जाए। लोगों ने तीखे सवाल करते हुए कहा कि अगर सरकारें डिजिटल इंडिया और घर-घर मुफ्त व तुरंत सेवाओं के बड़े-बड़े दावे करती हैं, तो सेवा केंद्रों में बिजली के बिल और डीजल जैसी बुनियादी चीजों की कमी के कारण गरीब और दिहाड़ीदार लोगों की दिहाड़ी क्यों खराब की जा रही है? इलाका निवासियों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही बिजली आपूर्ति चालू करके सेवाएं बहाल नहीं की गईं, तो वे तीखा संघर्ष करने के लिए मजबूर होंगे।

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