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भिवानी में लिव-इन में रह रही युवती की मौत, परिजनों ने पार्टनर पर लगाए हत्या के आरोप

Apr 15, 2026 10:59 AM

भिवानी। भिवानी के शांतिनगर क्षेत्र में एक युवती की मौत ने शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। पिछले दो साल से लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही साक्षी की मौत के बाद अब उसके मायके पक्ष और पार्टनर के बीच आरोपों की जंग छिड़ गई है। मृतका के परिजनों ने सीधे तौर पर लिव-इन पार्टनर अंकित और उसके परिवार को मौत का जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि उनकी बेटी को न केवल मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया, बल्कि उसे दाने-दाने को मोहताज कर दिया गया था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है।

युवक का दावा: 'मेरे पास हैं लिव-इन के दस्तावेज और साक्षी के बयान'

दूसरी ओर, आरोपी अंकित ने खुद पर लगे तमाम आरोपों को सिरे से नकार दिया है। अंकित के मुताबिक, वह साक्षी को पिछले 5-6 साल से जानता था और 1 अप्रैल 2024 से वे कानूनी तौर पर लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। अंकित ने दावा किया कि साक्षी अपने परिवार के व्यवहार से परेशान होकर उसके साथ रहने आई थी, जिसके लिखित सबूत और कानूनी दस्तावेज उसके पास मौजूद हैं। अंकित ने बताया कि उनका 9 महीने का एक बेटा भी है। मौत की वजह बताते हुए उसने कहा कि साक्षी को टीबी की गंभीर बीमारी थी, जिसका इलाज रोहतक पीजीआई में चल रहा था और बीमारी के कारण ही उसकी जान गई है।

परिजनों ने लगाया इलाज में कोताही का आरोप

साक्षी के परिवार की कहानी अंकित के दावों से बिल्कुल उलट है। परिजनों का आरोप है कि अंकित और उसके परिवार ने साक्षी पर दबाव बना रखा था कि अगर उसने विरोध किया तो वे उसका बच्चा उससे छीन लेंगे। परिजनों का कहना है कि जब उन्हें लिव-इन के बारे में पता चला था, तब उन्होंने कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था। उन्होंने आरोप लगाया कि साक्षी को सही समय पर इलाज नहीं दिया गया और उसे घर में कैद कर रखा जाता था। परिजनों के मुताबिक, अंकित के परिवार की लापरवाही और मारपीट ही उनकी बेटी की मौत की असली वजह बनी है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी पुलिस की कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। जांच अधिकारी एएसआई रमेश कुमार ने बताया कि फिलहाल मृतका के भाई के बयानों के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिससे यह साफ हो सके कि साक्षी की मौत प्राकृतिक कारणों (बीमारी) से हुई है या इसके पीछे कोई गहरी साजिश या चोट के निशान हैं। पुलिस ने अंकित से भी पूछताछ शुरू कर दी है और लिव-इन से जुड़े दस्तावेजों की प्रमाणिकता की जांच की जा रही है।

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