नूंह में नाकाबंदी तोड़ भाग रहे गो-तस्करों पर पुलिस की फायरिंग, एक के पैर में लगी गोली
Jun 02, 2026 1:33 PM
नूंह। हरियाणा का नूंह जिला एक बार फिर तस्करों और खाकी के बीच हुई आमने-सामने की भिड़ंत से दहल उठा। मंगलवार तड़के दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर नूंह-तावडू सीआईए (CIA) और फिरोजपुर झिरका पुलिस की संयुक्त टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए गो-तस्करों के एक बड़े प्रयास को नाकाम कर दिया। इस दौरान दोनों ओर से हुई ताबड़तोड़ फायरिंग में एक कथित गो-तस्कर के दोनों पैरों में गोली लगी है। घायल तस्कर को लहुलूहान हालत में पुलिस ने दबोच लिया, जिसे तुरंत इलाज के लिए नूंह के शहीद हसन खान मेवाती राजकीय मेडिकल कॉलेज, नल्हड़ में दाखिल कराया गया है।
पुलिस को देख ड्राइवर ने बढ़ा दी रफ्तार, बैरिकेड्स तोड़कर भागने की कोशिश
पुलिस प्रवक्ता कृष्ण कुमार ने वारदात की तस्दीक करते हुए बताया कि खुफिया तंत्र से पुलिस को एक्सप्रेसवे के रास्ते गोवंश की एक बड़ी खेप ले जाए जाने की सटीक सूचना मिली थी। इस इनपुट पर कार्रवाई करते हुए सीआईए और स्थानीय पुलिस ने एक्सप्रेसवे पर रणनीतिक नाकाबंदी कर गाड़ियों की चेकिंग शुरू की। इसी दौरान दूर से एक संदिग्ध पिकअप गाड़ी आती दिखाई दी। पुलिस ने जब टॉर्च की रोशनी दिखाकर गाड़ी को रुकने का इशारा किया, तो ड्राइवर ने रफ्तार धीमी करने के बजाय बैरिकेड्स को जोरदार टक्कर मारी और वाहन को तेजी से भगा ले गया।
पीछा करने पर तस्करों ने दागी गोलियां, जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने सिखाया सबक
बैरिकेडिंग टूटने के बाद मुस्तैद पुलिस टीमों ने अपनी सरकारी गाड़ियों से संदिग्ध पिकअप का पीछा करना शुरू किया। खुद को चारों तरफ से घिरता देख पिकअप में सवार बदमाशों ने पुलिस की गाड़ियों को निशाना बनाते हुए अवैध हथियारों से सीधी फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस कर्मियों ने सूझबूझ से अपनी जान बचाई और आत्मरक्षार्थ जवाबी फायरिंग की। पुलिस की ओर से चलाई गई गोलियां सीधे पिकअप चला रहे मुख्य आरोपी के पैरों में जा लगीं, जिससे गाड़ी असंतुलित होकर रुक गई और पुलिस ने उसे मौके पर ही दबोच लिया।
अंधेरे का फायदा उठाकर भागे अन्य आरोपी, राजस्थान का निकला घायल तस्कर
पुलिस की पकड़ में आए घायल आरोपी की पहचान जमशेद (पुत्र दीनू) निवासी भूतकावास धोलागढ़, राजस्थान के रूप में हुई है। हालांकि, गाड़ी में सवार उसके अन्य साथी रात के अंधेरे और एक्सप्रेसवे के किनारे फैले खेतों का फायदा उठाकर भागने में कामयाब रहे। पुलिस ने जब गाड़ी की तलाशी ली तो उसमें क्रूरता से ठूंसे गए 7 जिंदा गोवंश बरामद हुए, जिन्हें तुरंत सुरक्षित गोशाला भेजा गया। इसके अलावा मौके से एक देसी कट्टा और कारतूस भी जब्त किए गए हैं। पुलिस अब जमशेद के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड को खंगालने के साथ-साथ फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए मेवात और राजस्थान के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है।