Search

वृंदावन नाव हादसा: भिवानी की आशा मिड्ढा की मौत, मायके वालों के साथ गई थीं दर्शन करने

Apr 11, 2026 12:20 PM

भिवानी। धर्मनगरी वृंदावन से आई एक चीख ने भिवानी की जगत कॉलोनी को शोक में डुबो दिया है। यमुना नदी में नाव पलटने से हुए बड़े हादसे में भिवानी की 55 वर्षीय आशा मिड्ढा की डूबने से मौत हो गई। आशा अपने मायके वालों के साथ श्रद्धा भाव से बांके बिहारी के दर्शन करने निकली थीं, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। जैसे ही शुक्रवार दोपहर हादसे की सूचना भिवानी पहुंची, घर में चीख-पुकार मच गई। बीमार पति और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।

लुधियाना से मायके वालों के साथ बना था प्रोग्राम

आशा मिड्ढा के नंदोई राधेश्याम ने बताया कि आशा धार्मिक प्रवृत्ति की महिला थीं और पिछले साल भी वृंदावन गई थीं। इस बार उनका कार्यक्रम लुधियाना में रह रहे अपने मायके के सदस्यों के साथ बना था। योजना के मुताबिक, 9 अप्रैल को आशा का बेटा उन्हें सोनीपत छोड़ आया था, जहाँ वह अपनी बेटी के घर रुकीं। रात के समय लुधियाना से आने वाली बस में सवार होने के लिए उनकी बेटी और दामाद ने उन्हें मुरथल छोड़ा, जहाँ से वह पूरे परिवार के साथ वृंदावन के लिए रवाना हुईं। शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे वे वृंदावन पहुंचे थे, लेकिन दोपहर होते-होते यमुना की लहरों ने काल का रूप धारण कर लिया।

बीमार पति और बच्चों के सिर से उठा मां का साया

आशा के पति अर्जुन दास मिड्ढा काफी समय से अस्वस्थ चल रहे हैं और घर पर ही रहते हैं। आशा अपने पीछे दो बेटे अजय व दिनेश और एक शादीशुदा बेटी छोड़ गई हैं। उनके दोनों बेटे भिवानी रेलवे स्टेशन के बाहर 'जगदंबा ढाबा' चलाते हैं। हादसे की खबर मिलते ही दोनों बेटे आनन-फानन में वृंदावन के लिए रवाना हो गए। जगत कॉलोनी स्थित उनके निवास पर पड़ोसियों और रिश्तेदारों का जमावड़ा लगा हुआ है, हर कोई इस दुखद घड़ी में परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहा है।

सुरक्षा मानकों की अनदेखी पड़ी भारी

वृंदावन में हुए इस हादसे ने एक बार फिर नदी पार कराने वाली नावों के सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि नाव में क्षमता से अधिक श्रद्धालु सवार थे, जिसके कारण संतुलन बिगड़ गया और नाव बीच मंझधार में पलट गई। आशा मिड्ढा उन बदकिस्मत लोगों में शामिल थीं जिन्हें बचाव दल समय रहते बाहर नहीं निकाल सका। फिलहाल प्रशासन शवों के पोस्टमार्टम और कानूनी कार्रवाई में जुटा है, वहीं भिवानी में आशा के अंतिम दर्शनों के लिए गमगीन माहौल बना हुआ है।

You may also like:

Please Login to comment in the post!