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सरकार ने बढ़ाई गोल्ड इंपोर्ट ड्यूटी, सोना ₹10,000 और चांदी ₹18,000 महंगी हुई, जानिए नया टैक्स नियम

May 13, 2026 11:47 AM

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने सोना और चांदी के आयात पर लगने वाली ड्यूटी में बड़ा बदलाव करते हुए इसे 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया है। सरकार के इस फैसले के बाद घरेलू बाजार में कीमती धातुओं की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला। बुधवार को जारी आदेश के अगले ही दिन मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना करीब 10 हजार रुपए और चांदी 18 हजार रुपए तक महंगी हो गई। इसके बाद 10 ग्राम सोने का भाव 1.63 लाख रुपए और 1 किलो चांदी की कीमत 2.97 लाख रुपए तक पहुंच गई। सरकार का कहना है कि बढ़ते आयात और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव को कम करने के लिए यह कदम उठाया गया है।

सरकार ने क्यों बढ़ाई इंपोर्ट ड्यूटी

भारत दुनिया में सोने का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता देश है। देश में मांग पूरी करने के लिए बड़ी मात्रा में सोना और चांदी विदेशों से आयात किए जाते हैं। इसके लिए भारी मात्रा में डॉलर खर्च होता है, जिससे चालू खाता घाटा और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ता है। सरकार का मानना है कि इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने से विदेशी खरीद कम होगी और घरेलू बाजार में मांग नियंत्रित रहेगी। हाल के महीनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें पहले ही रिकॉर्ड स्तर पर थीं। अमेरिकी-ईरान तनाव के बीच निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश की तरफ बढ़ा, जिससे सोने की वैश्विक कीमतों में तेजी आई।

नए टैक्स स्ट्रक्चर में क्या बदला

सरकार ने सोने पर 10% बेसिक कस्टम ड्यूटी और 5% एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC) लगाया है। इस तरह कुल प्रभावी टैक्स 15% हो गया है। इससे पहले 2024 के केंद्रीय बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आयात शुल्क को 15% से घटाकर 6% किया था। हाल ही में सोना और चांदी के आयात पर 3% IGST से जुड़े नियमों में बदलाव किए गए थे। इसके बाद बैंकिंग सेक्टर में टैक्स भुगतान को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई थी। इसी वजह से कई बैंकों ने कुछ समय तक सोने का आयात रोक दिया था।

बाजार में कीमतें क्यों बढ़ीं 

ड्यूटी बढ़ने का सीधा असर सोने और चांदी की ‘लैंडिंग कॉस्ट’ पर पड़ा है। यानी विदेश से भारत पहुंचने तक इन धातुओं की लागत बढ़ गई है। इसका असर तुरंत घरेलू बाजार और वायदा कारोबार में देखने को मिला। विशेषज्ञों के मुताबिक जब आयात महंगा होता है, तो थोक व्यापारी कम मात्रा में खरीदारी करते हैं। इससे बाजार में सप्लाई घट सकती है और कीमतों में और तेजी आ सकती है। खासतौर पर शादी और त्योहारों के सीजन में इसका असर आम ग्राहकों पर साफ दिखाई देगा।

इंडस्ट्री ने जताई तस्करी बढ़ने की आशंका

ज्वेलरी और बुलियन इंडस्ट्री से जुड़े कारोबारियों ने सरकार के फैसले पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि जब भी इंपोर्ट ड्यूटी बहुत ज्यादा होती है, तब अवैध तरीके से सोने की तस्करी बढ़ने लगती है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के नेशनल सेक्रेटरी सुरेंद्र मेहता ने कहा कि सरकार ने चालू खाता घाटा नियंत्रित करने के लिए यह फैसला लिया है, लेकिन इससे मांग प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कहा कि जब पिछली बार ड्यूटी घटाई गई थी, तब सोने की तस्करी में कमी देखने को मिली थी।

नई ड्यूटी का सबसे बड़ा असर आम ग्राहकों और निवेशकों पर पड़ेगा। अब ज्वेलरी खरीदने वालों को पहले के मुकाबले ज्यादा कीमत चुकानी होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी तेजी बनी रहती है, तो घरेलू बाजार में सोने और चांदी की कीमतें और बढ़ सकती हैं। इसके अलावा छोटे ज्वेलर्स और रिटेल कारोबारियों पर भी दबाव बढ़ सकता है। ऊंची कीमतों की वजह से ग्राहकों की खरीदारी कम होने की आशंका है। हालांकि निवेश के लिहाज से सोना अब भी सुरक्षित विकल्प माना जा रहा है।

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