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कच्चे तेल और वैश्विक संकेतों के दबाव में शेयर बाजार लुढ़का, सेंसेक्स 583 अंक गिरा

Apr 30, 2026 5:20 PM

मुंबई: कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, वैश्विक बाजारों के कमजोर संकेत और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के चलते गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। BSE सेंसेक्स 582.86 अंक यानी 0.75 प्रतिशत टूटकर 76,913.50 पर बंद हुआ, जबकि NSE निफ्टी 50 180.10 अंक यानी 0.74 प्रतिशत गिरकर 23,997.55 पर पहुंच गया। कारोबार के दौरान सेंसेक्स एक समय 1,237.5 अंक तक लुढ़क गया था, हालांकि बाद में इसमें कुछ सुधार देखने को मिला। दिन की शुरुआत से ही बाजार में दबाव बना रहा। सेंसेक्स में तेज गिरावट के बाद निचले स्तरों पर कुछ खरीदारी आई, जिससे नुकसान सीमित हुआ। इसके बावजूद दिनभर निवेशकों में सतर्कता बनी रही और बाजार कमजोरी के साथ बंद हुआ।

सेंसेक्स की कंपनियों में हिंदुस्तान यूनिलीवर, टाटा स्टील, लार्सन एंड टूब्रो, अल्ट्राटेक सीमेंट और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयरों में प्रमुख गिरावट दर्ज की गई। इन शेयरों में बिकवाली ने बाजार पर अतिरिक्त दबाव बनाया। गिरावट के माहौल के बीच सन फार्मा, इंफोसिस, बजाज फाइनेंस और अदानी पोर्ट्स के शेयरों में बढ़त देखी गई। आईटी और फार्मा सेक्टर में चुनिंदा खरीदारी ने कुछ सहारा दिया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 1.52 प्रतिशत गिरकर 116.2 डॉलर प्रति बैरल पर रहा, लेकिन ऊंचे स्तर ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव से बाजार पर दबाव बना रहा।

एफआईआई बिकवाली और वैश्विक बाजारों का रुख

शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 2,468.42 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की। एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की और हांगकांग का हैंग सेंग एक प्रतिशत से अधिक गिरकर बंद हुए, जबकि चीन का शंघाई कंपोजिट मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से महंगाई को लेकर चिंता बढ़ी है, जिससे निवेशकों का भरोसा प्रभावित हुआ है। घरेलू स्तर पर ऑटो, बैंकिंग, मेटल और रियल एस्टेट सेक्टर में गिरावट रही, जबकि आईटी और फार्मा शेयरों में सीमित खरीदारी देखने को मिली।

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