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Breaking: चंडीगढ़ के GMCH-32 में जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर का बाथरूम से शव बरामद, घटनास्थल पर इंजेक्शन पड़े मिले

Jun 02, 2026 3:59 PM

चंडीगढ़: चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (GMCH-32) में मंगलवार को एक युवा डॉक्टर की मौत से अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। जनरल मेडिसिन विभाग में कार्यरत 24 वर्षीय पीजी जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर योगेश अस्पताल परिसर के एक बाथरूम में मृत अवस्था में पाए गए। घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल प्रशासन, पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। फिलहाल पुलिस विभिन्न पहलुओं से मामले की जांच कर रही है और मौत के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

लंबे समय तक बाहर नहीं आए तो हुआ संदेह 

जानकारी के अनुसार डॉ. योगेश मंगलवार को अस्पताल परिसर में स्थित बाथरूम में गए थे। काफी समय बीत जाने के बाद भी जब वह बाहर नहीं निकले तो उनके सहयोगियों और अस्पताल कर्मचारियों को चिंता हुई। साथियों ने कई बार दरवाजा खटखटाया और आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद स्थिति को गंभीर मानते हुए दरवाजा खोलने का प्रयास किया गया।

जब काफी देर तक कोई जवाब नहीं मिला तो बाथरूम का दरवाजा तोड़ दिया गया। अंदर डॉ. योगेश बेसुध अवस्था में पड़े मिले। उन्हें तुरंत अस्पताल में चिकित्सा सहायता के लिए ले जाया गया। डॉक्टरों की टीम ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार उनका शव अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर परिसर स्थित शौचालय में मिला था। घटना की खबर फैलते ही अस्पताल में शोक और चिंता का माहौल बन गया।

घटनास्थल से मिले इंजेक्शन

सूत्रों के अनुसार पुलिस को घटनास्थल से कुछ इंजेक्शन बरामद हुए हैं। रिपोर्टों में पोटेशियम क्लोराइड से संबंधित इंजेक्शन मिलने की बात कही जा रही है। हालांकि इस संबंध में अभी तक किसी जांच एजेंसी या पुलिस की अंतिम रिपोर्ट सामने नहीं आई है। इसलिए इंजेक्शन और मौत के बीच किसी सीधे संबंध की पुष्टि फिलहाल नहीं की गई है। जांच एजेंसियां बरामद सामग्री का वैज्ञानिक परीक्षण कर रही हैं।

घटना की सूचना मिलने के बाद सेक्टर-34 थाना पुलिस और फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और पूरे क्षेत्र से साक्ष्य एकत्र किए। फोरेंसिक टीम ने बाथरूम और आसपास के इलाके की वीडियोग्राफी भी करवाई। जांचकर्ता यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि घटना से पहले क्या परिस्थितियां थीं और घटनास्थल से मिले साक्ष्य क्या संकेत देते हैं।

शुरुआती जांच में कई पहलुओं की पड़ताल

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है। कुछ प्रारंभिक जानकारियां सामने आई हैं, लेकिन जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि केवल शुरुआती दावों के आधार पर मौत के कारण तय नहीं किए जा सकते। वैज्ञानिक और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार

पुलिस ने मृतक डॉक्टर के परिजनों को घटना की सूचना दे दी है। परिवार के सदस्यों के बयान भी जांच का हिस्सा बनाए जाएंगे। साथ ही डॉक्टर के पेशेवर और व्यक्तिगत पहलुओं की भी जांच की जा सकती है।

मामले में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका पोस्टमॉर्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट की होगी। अधिकारियों का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि इन्हीं रिपोर्टों के आधार पर की जाएगी। तब तक मामले को संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत मानकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

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