चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला में 16 जून को कैब सेवाएं रहेंगी बंद, किराया बढ़ाने की मांग को लेकर चालकों की हड़ताल
Jun 11, 2026 12:23 PM
चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला यानी ट्राइसिटी क्षेत्र में 16 जून को कैब सेवाएं पूरी तरह प्रभावित रह सकती हैं। कैब ड्राइवरों ने किराया बढ़ाने की मांग को लेकर एक दिन की हड़ताल का ऐलान किया है। ड्राइवर संगठनों के अनुसार इस दिन कोई भी कैब चालक सवारी नहीं उठाएगा। यात्रियों को पहले से अपनी यात्रा की वैकल्पिक व्यवस्था करने की सलाह दी गई है ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
हड़ताल की घोषणा के बाद कैब चालक लोगों को जागरूक करने के लिए विभिन्न स्थानों पर अभियान भी चला रहे हैं। उनका कहना है कि प्रशासन को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
मोहाली से सेक्टर-17 तक निकाली जागरूकता रैली
हड़ताल की तैयारी के तहत कैब चालक मोहाली के सेक्टर-70 में एकत्रित हुए। यहां से उन्होंने अपने वाहनों पर पोस्टर और बैनर लगाकर जागरूकता रैली निकाली। रैली मोहाली से चंडीगढ़ के सेक्टर-17 तक पहुंची। इस दौरान चालक विभिन्न स्थानों पर रुके और लोगों को 16 जून को प्रस्तावित हड़ताल की जानकारी दी। उन्होंने यात्रियों से अपील की कि उस दिन घर से निकलने से पहले अपने परिवहन की व्यवस्था स्वयं सुनिश्चित कर लें।
किराया बढ़ाने की मांग पर अड़े चालक
कैब चालक ऐप-आधारित सेवाओं जैसे ओला, उबर और अन्य प्लेटफॉर्म से जुड़े हुए हैं। चंडीगढ़ प्रशासन की नीति के अनुसार इन सेवाओं के लिए न्यूनतम किराया निर्धारित किया जाता है। ड्राइवरों का कहना है कि वर्ष 2025 में तय की गई नीति के तहत 25 रुपये प्रति किलोमीटर की दर निर्धारित की गई थी। अब वे इस दर को बढ़ाकर 35 रुपये प्रति किलोमीटर करने की मांग कर रहे हैं। उनका तर्क है कि मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों में पुरानी दरें व्यवहारिक नहीं रह गई हैं।
कैब चालकों का कहना है कि पिछले एक वर्ष में ईंधन की कीमतों में लगातार वृद्धि हुई है। पेट्रोल, डीजल और सीएनजी के बढ़े हुए दामों का सीधा असर उनकी आय पर पड़ रहा है। ड्राइवरों के अनुसार डीजल और पेट्रोल की कीमतों में करीब 7 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ोतरी हुई है, जबकि सीएनजी के दामों में लगभग 9 रुपये प्रति किलोग्राम का इजाफा हुआ है। ऐसे में वाहन संचालन और रखरखाव का खर्च भी बढ़ गया है, जिससे वर्तमान किराया संरचना उनके लिए लाभदायक नहीं रह गई।
ट्राइसिटी के यात्रियों पर पड़ सकता है असर
16 जून को प्रस्तावित हड़ताल का असर चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला में रोजाना कैब सेवाओं पर निर्भर रहने वाले हजारों यात्रियों पर पड़ सकता है। कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों, छात्रों, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट आने-जाने वाले यात्रियों को विशेष रूप से दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। इसी कारण कैब संगठनों ने पहले से लोगों को सूचित करना शुरू कर दिया है, ताकि वे समय रहते वैकल्पिक व्यवस्था कर सकें और यात्रा योजनाओं में बदलाव कर सकें।
कैब हड़ताल के दौरान यात्रियों के लिए चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (CTU) की बस सेवाएं एक प्रमुख विकल्प बन सकती हैं। ट्राइसिटी क्षेत्र में CTU के कई रूट नियमित रूप से संचालित होते हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला में करीब 65 से 70 बस रूट सक्रिय हैं। इन रूटों पर सामान्य दिनों में हर 15 से 20 मिनट के अंतराल पर बसें उपलब्ध रहती हैं, जिससे यात्रियों को वैकल्पिक सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिल सकती है।